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Monkeypox: आईसीएमआर की वैज्ञानिक ने कहा- भारत पूरी तरह तैयार, अर्जेंटीना ने मंकीपॉक्स की एंट्री

Fri, 27 May 2022 08:06 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईसीएमआर ने असामान्य लक्षणों पर सख्त निगाह बनाए रखने पर जोर दिया है। उन लोगों को विशेष तौर पर ऐसा करने के लिए कहा गया है जिन्होंने हाल ही में मंकीपॉक्स संक्रमण का सामना कर रहे किसी देश की यात्रा की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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दुनियाभर के कई देशों में इस समय मंकीपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि गैर स्थानिक देशों (Non Endemic Countries) में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भारत पूरी तरह तैयार है। हालांकि, हमारे देश में इस बीमारी से संक्रमण का अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है। 

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समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में आईसीएमआर में वैज्ञानिक डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने कहा कि यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों में मंकीपॉक्स संक्रमण तेजी से फैल रहा है। भारत इसके लिए तैयार है। डॉ. मुखर्जी ने असामान्य लक्षणों पर करीबी निगाह रखने पर जोर दिया। ऐसे लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए जो मंकीपॉक्स संक्रमण से प्रभावित किसी देश की यात्रा करके आए हैं। 

डॉ. मुखर्जी ने कहा कि जो लोग लक्षण महसूस कर रहे हैं उन्हें जांच करानी चाहिए। लोगों को घबराना नहीं चाहिए और मंकीपॉक्स पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों के नजदीकी संपर्क में आने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बीमारी बहुत करीबी संपर्क से फैलती है। आईसीएमआर की ओर से इससे बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं।
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बुजुर्गों को लगवाना चाहिए स्मालपॉक्स का टीका
उन्होंने आगे कहा कि बच्चे संक्रमण को लेकर अधिक संवेदनशील हैं। बुजुर्गों को स्मालपॉक्स का टीका लगवाना चाहिए। 1980 के दशक के बाद जिन लोगों ने स्मालपॉक्स का टीका नहीं लगवाया है उनके इस बीमारी की चपेट में आने की आशंका ज्यादा है। डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने आगे कहा कि इस बीमारी का बच्चों और बुजुर्गों के लिए इलाज समान है।

जानिए क्या होते हैं 'गैर स्थानिक देश'
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार गैर स्थानिक देश वो होते हैं जहां संक्रमण के प्रसार की वर्तमान श्रृंखलाएं रिपोर्ट की जा रही हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि संक्रमण की श्रृंखलाएं बिना किसी ज्ञात महामारी विज्ञान से जुड़ाव के सामने आ रही हैं। उधर, सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार एवं कल्याण मंत्रालय जल्द ही मंकीपॉक्स को लेकर दिशानिर्देश जारी करने वाला है।

मंकीपॉक्स से भारत के लिए कितना खतरा है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में मंकीपॉक्स के अब तक कोई भी मामला नहीं है, हालांकि वैश्विक स्तर पर बढ़ते खतरे को देखते हुए यहां भी अलर्ट जारी किया गया है। यूरोपीय देशों से भारत में भी आवागमन जारी है, ऐसे में संभावित खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट किया है।

भारत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य संगठनों को प्रकोप पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में फिलहाल मंकीपॉक्स को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। 

अर्जेंटीना ने मंकीपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि
इस बीच अर्जेंटीना ने शुक्रवार को मंकीपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि की है। इस वायरस से संक्रमित मिला व्यक्ति हाल में स्पेन की यात्रा पर गया था। अर्जेंटीना के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति ब्यूनस आयर्स प्रांत से है, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी आधिकारिक घोषणा करने से पहले वायरस की अनुक्रमण रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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