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आईसीएमआर ने फिर कहा- करीबी संपर्क में आने से कोरोना के प्रसार की दर काफी अधिक

Tue, 26 May 2020 09:01 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने पुन: पुष्टि की है कि करीबी संपर्क में आने से कोरोना वायरस के प्रसार की दर काफी अधिक होती है।
  • आईसीएमआर ने सार्स-कोव-2 संक्रमण के पहले क्लस्टर में सामने आई चीजों को साझा किया।
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नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना वायरस की निकट संपर्कों के बीच संचरण की उच्च दर है और इसीलिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय जैसे कि सामाजिक दूरी, निजी स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण वायरस को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इस बात की दोबारा पुष्टि की है।

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अध्ययन में इतालवी पर्यटकों में सार्स-कोव-2 संक्रमण के पहले क्लस्टर में सामने आई चीजों को साझा करते हुए आईसीएमआर ने यह भी कहा कि लक्षण पूर्व और लक्षणमुक्त मामलों में संक्रमित के करीबी संपर्कों की जांच महत्वपूर्ण है तथा इस बात पर जोर दिया कि महामारी के सामुदायिक प्रसार को रोकने के लिए करीबी संपर्कों का पता लगाने और उनकी जांच करने की रणनीति शुरू में ही संक्रमित का पता लगाने और उन्हें पृथक रखने के लिए काफी अहम है।


16 इतालवी पर्यटकों और एक भारतीय के बीच सार्स-कोव-2 संक्रमण के क्लस्टर की एक विस्तृत जांच मार्च-अप्रैल में की गई थी। आईसीएमआर का यह अध्ययन इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ। इसमें बताया गया कि  21 फरवरी को तीन भारतीयों के साथ 21 इतावली नागरिक दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने राजस्थान में कई पर्यटक स्थलों का दौरा किया था।
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समूह में से एक सदस्य 69 साल के इतावली नागरिक थे जिन्हें कि जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 29 फरवरी को उनमें बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दिए। उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। उसकी 70 साल की पत्नी में किसी तरह के कोई लक्षण नहीं थे लेकिन उनकी भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव थी। उन्हें आइसोलेट किया गया।

24 मार्च को समूह के अन्य 24 सदस्य (21 इतावली और तीन भारतीय) दिल्ली पहुंचे। सभी एक ही ट्रेन से यात्रा कर रहे थे और उन्हें क्वारंटीन (एकांतवास) कर दिया गया। सभी शुरुआती तौर पर स्पर्शोन्मुख थे। तीन मार्च को उनकी नाक और मुंह से स्वैब के नमूने लिए गए। जिसमें से 15 (14 इतावली और एक भारतीय) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उन्हें आइसोलेट किया गया।

इसलिए तीन मार्च तक 26 में से 17 कोविड-19 संक्रमण की चपेट में थे। इन 17 में से नौ में वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे थे जबकि आठ में कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे। जिन नौ रोगियों में लक्षण दिख रहे थे उनमें से छह को हल्का बुखार, एक गंभीर और एक अत्यंत गंभीर रूप से बीमार थे।

देश की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई ने कहा, 'कोविड-19 की पुष्टि के दिन और आरटी-पीसीआर नेगेटिविटी के बीच औसत अवधि 18 दिन (रेंज-12-23 दिन) की थी। मामलों की 11.8 प्रतिशत मृत्यु दर के साथ दो लोगों की मौत हो गई।' आईसीएमआर ने कहा कि यह अध्ययन करीबी संपर्कों में संक्रमण के प्रसार की दर काफी अधिक होने की पुन: पुष्टि करता है, इसलिए संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए भौतिक दूरी, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और संक्रमण नियंत्रण जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम आवश्यक हैं।

इसने कहा, 'हमारे अध्ययन क्लस्टर ने मौजूदा आंकड़ों में दर्ज संभावित दर के मुकाबले अधिक जोखिम दर दर्शाई जैसे कि डायमंड प्रिंसेस क्रूज पोत में (19.2) प्रतिशत और ग्रांड प्रिंसेस क्रूज पोत में (16.6) प्रतिशत।' आईसीएमआर ने कहा कि यह यात्रा के दौरान बंद वातावरण, सूचकांक मामले के अधिक और लगातार संपर्क में आने की वजह से हो सकता है। अध्ययन में कहा गया कि सूचकांक मामले को छोड़कर अन्य मामले जांच के समय लक्षण मुक्त मामले थे और समूची बीमारी के दौरान लगभग आधे मामले लक्षण मुक्त मामले रहे।

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