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जाधव मामले में थोड़ी देर में फैसला, जानिए केस से जुड़ी 10 बड़ी बातें

Thu, 18 May 2017 03:12 PM IST
amarujala.com, Presented By: हर्षित गौतम
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कुलभूषण जाधव (फाइल फोटो)
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1- इन्टरनेशन कोर्ट ऑफ जस्टिस कुलभूषण जाधव मामले में आज फैसला सुनाएगा। भारत ने 10 दिन पहले ही आईसीजे से पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा अपने पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाने के लिए आग्रह किया था।
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2- इंटरनेशनल कोर्ट में एजेंट दीपक मित्तल भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो कि विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान डिवीजन के हेड हैं। वहीं केस में अटॉर्नी हरीश साल्वे ने भारत का पक्ष रखा है। फैसले के समय भारतीय टीम के कोर्ट रूप में मौजूद रहने की उम्मीद है। टीम में जॉइन्ट सेक्रेटेरी  वीडी शर्मा (को-एजेंट), काजल भट्ट, फर्स्ट सेक्रेटरी, नीदरलैंड्स में भारतीय दूतावास (सलाहकार) और चेतना एन राय (जूनियर वकील) भी शामिल हैं।

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3- भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में 8 मई को पाकिस्तान पर विएना संधि के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अपील की थी। भारत ने कहा था कि पाक ने जाधव को दोषी ठहराने के लिए हास्यास्यपद तरीके से जल्दबाजी में ट्रायल किया। 
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4- 15 मई को आईसीजे में अपील दाखिल करते वक्त भारत ने कहा था कि पाक द्वारा कुलभूषण जाधव के लिए दी गई फांसी सजा पर तत्काल रोक लगाई जाए, क्योंकि पाकिस्तान आईसीजे की सुनवाई खत्म होने से पहले ही कुलभूषण जाधव को फांसी दे सकता है। 

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5- भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट में अपील करते हुए 4 बिन्दु रखे। पहला बिन्दु ये था कि पाकिस्तान द्वारा जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा अवैध है। ये अंतरराष्ट्रीय कानून और संधि का उल्लंघन करने वाला है। पाकिस्तान जाधव को फांसी की सजा सुनाकर विएना संधि और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन का रहा है। अगर पाक अपना फैसला रद्द नहीं करता है तो जाधव की रिहाई का आदेश दिया जाए। 

6- पाकिस्तान ने भारत की इस बात को ये कहकर नकार दिया कि उसे इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में ले जाने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि विएना संधि, जासूसों, आतंकियों के सम्बंध में सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। 

7- भारत ने फिर आरोप लगाया कि जाधव मामले में पाकिस्तान ने कानूनी पक्ष रखने के लिए काउंसल एक्सेस नहीं दिया था। भारत ने ये भी आरोप लगाया कि सैन्य कैद में उससे जबरन कबूल करवाया गया कि वो भारतीय जासूस है।

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8- जाधव के फैसले में जल्दबाजी नहीं करने पर जोर देते हुए पाकिस्तान ने कहा कि दयायाचिका के लिए 150 दिन का समय है। हालांकि सार्वजनिक सुनवाई में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने इस वीडियो को चलाने की इजाजत नहीं दी। 

9- जाधव की गिरफ्तारी और उसको फांसी की सजा दिए जाने की वजह से दोनों देशों के बीच राजनयिक तल्खी पैदा कर दी है। भारत ने 16 बार पाकिस्तान से काउंसलर एक्सेस की मांग की थी, लेकिन हर बार पाकिस्तान की तरफ से इसे मना कर दिया गया।

10- जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने एक साल के बाद जासूसी के आरोप के बाद पिछले महीने फांसी की सजा सुनाई थी। भारत ने कहा था कि भारतीय नौसेना से रिटायर होने के बाद जाधव ईरान में रहकर व्यापार कर रहा था, जिसके बाद उसे वहां से अपहरण कर लिया गया। वहीं पाकिस्तान ने कहा कि उसे बलूचिस्तान से पकड़ा गया था।
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