कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) के फैसले को भारत के लिए बड़ी जीत बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान को कानून व्यवस्था का पालन करने का एक मौका दिया गया है। अब पूरी दुनिया देख रही है कि वह अपने कदम किस दिशा में बढ़ाता है।
पूर्व वित्तमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय अदालत का फैसला आने के बाद पाकिस्तान द्वारा इसे अपनी जीत बताने के दावे पर चुटकी लेते हुए इसे हास्यास्पद बताया। जेटली ने ब्लॉग में लिखा, ‘आईसीजे ने पाकिस्तान को कानून व्यवस्था का पालन करने का और उसकी प्रक्रियाओं में सुधार करने का अवसर दिया है। क्या पाकिस्तान इस मौके का इस्तेमाल करेगा या इसे गंवा देगा? पाकिस्तान पर अब पूरी दुनिया की नजर है कि वह किस दिशा में कदम बढ़ाता है।’
जेटली ने कहा कि पड़ोसी देश की हास्यास्पद प्रक्रियाएं उजागर हो गई हैं जिनके माध्यम से बेगुनाहों को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि आईसीजे का फैसला भारत के लिए बड़ी जीत है और पाकिस्तान आईसीजे के समक्ष अंतत: हार गया है। उन्होंने कहा कि आईसीजे के फैसले को सरसरी तौर पर पढ़ें तो दिखता है कि लगभग सभी मोर्चों पर भारत की जीत हुई है।
आईसीजे ने बुधवार को व्यवस्था दी थी कि पाकिस्तान को जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर फिर से विचार करना चाहिए और उसे राजनयिक पहुंच प्रदान की जानी चाहिए। जेटली ने कहा कि फैसले ने अनिवार्य निर्देशों के माध्यम से पाकिस्तान पर भारी जिम्मेदारी डाली है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सैन्य अदालतों की वैधता पर आईसीजे ने कोई राय नहीं रखी क्योंकि उसका न्यायक्षेत्र सीमित है।