शिकायतकर्ता का आरोप है कि ब्रांच सेल मैनेजर ने बाकी बचे लोन को जारी करने के लिए उससे रिश्वत के रूप में 50,000 रुपये की मांग की और उसने आईसीआईसीआई ब्रांच में ही काम करने वाले एक अन्य सेल एग्जीक्यूटिव को रिश्वत का पैसा सौंपने का निर्देश दिया था।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मथुरा में पचास हजार की रिश्वत की मांग करने और फिर उसे स्वीकार करने के आरोप में आईसीआईसीआई भूतेश्वर ब्रांच के एक मैनेजर और एक सेल एग्जीक्यूटिव को गिरफ्तार किया है।
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आरोपी के खिलाफ शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने भूतेश्वर के आईसीआईसीआई बैंक की शाखा से दस लाख रुपये का होम लोन लिया था। बैंक ने पहले चरण में शिकायतकर्ता को 3.04 लाख रुपये की ऋण राशि जारी की थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ब्रांच सेल मैनेजर ने बाकी बचे लोन को जारी करने के लिए उससे रिश्वत के रूप में 50,000 रुपये की मांग की और उसने आईसीआईसीआई ब्रांच में ही काम करने वाले एक अन्य सेल एग्जीक्यूटिव को रिश्वत का पैसा सौंपने का निर्देश दिया था।
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सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के परिसरो ंकी तलाशी ली गई जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तवाजे भी बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को गाजियाबाद में सीबीआई कोर्ट में विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीबीआई ने इसी तरह इससे पहले जम्मू-कश्मीर से एक राजस्व अधिकारी को दबोचा था। आरोपी अधिकारी ने शिकायकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी और उसको दो बार में जमा कराना था। लेकिन सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ लिया।