पारादीप में भारतीय तटरक्षक बल का अभ्यास,
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भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोलकाता में बताया कि भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय जलक्षेत्र में तेल रिसाव की घटनाओं से निपटने के लिए केंद्रीय समन्वय प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है। इसी भूमिका के तहत यह अभ्यास आयोजित किया गया, ताकि समुद्री दुर्घटना की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
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समुद्री प्रदूषण को लेकर भारतीय तटरक्षक बल का अभ्यास
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अभ्यास के पहले दिन 16 दिसंबर को एक विस्तृत पेपर एक्सरसाइज आयोजित की गई, जिसमें कस्टम्स, मत्स्य विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। इस दौरान तेल रिसाव की स्थिति में सभी हितधारकों की जिम्मेदारियों, कार्रवाई की प्रक्रिया और आपसी समन्वय को स्पष्ट किया गया।
भारतीय तटरक्षक बल का अभ्यास
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दूसरे दिन 17 दिसंबर को पारादीप तट के समीप समुद्र में व्यावहारिक अभ्यास किया गया। इसमें समुद्र में एक व्यापारी जहाज से तेल रिसाव की लगभग वास्तविक स्थिति को दर्शाते हुए भारतीय तटरक्षक बल और सहयोगी एजेंसियों के संसाधनों के जरिए त्वरित प्रतिक्रिया और नियंत्रण उपायों का प्रदर्शन किया गया।
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पारादीप में भारतीय तटरक्षक बल का अभ्यास
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प्रवक्ता ने बताया कि इसके बाद पारादीप समुद्र तट पर तटरेखा सफाई का प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर बीच क्लीनअप ऑपरेशन और तट की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई को प्रदर्शित किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य यह दिखाना था कि यदि तेल रिसाव तट तक पहुंचता है, तो पर्यावरण और समुद्री जीवन को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिए किस तरह संगठित और प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने स्पष्ट किया कि ऐसे अभ्यास देशभर में समुद्री प्रदूषण से निपटने की राष्ट्रीय क्षमता को मजबूत करने और तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।