अमृतसर में हो रहे हर्ट ऑफ एशिया समिट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का फैसला कर भले ही पाकिस्तान भारत के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों में जुटा हो, मगर इसके आसार बेहद कम हैं। इस क्रम में पाकिस्तान के पीएम के सलाहकार सरताज अजीज की यात्रा से पहले भारत ने साफ संकेत दिया है कि आतंकवाद को समर्थन जारी रहते रिश्तों में नरमी नहीं आएगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर मामले का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने से कोई लाभ नहीं होगा। मुख्य समस्या आतंकवाद है। पाकिस्तान को आतंकवादियों को परोक्ष और प्रत्यक्ष समर्थन देना बंद करना चाहिए। हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि सरताज की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय वार्ता पर अभी कोई बात नहीं हुई है।
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को समझना होगा कि बेहतर संबंध बहाली की राह में आतंकवाद बड़ा रोड़ा है। पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को प्रत्यक्ष और परोक्ष समर्थन जारी है। वह भी ऐसे समय जब आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट हो रही है। इस दौरान उन्होंने सीमा पर घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं, संघर्ष विराम का लगातार हो रहे उल्लंघन का भी जिक्र किया।
चंदुबाबू की जल्द वापसी की संभावना
प्रवक्ता ने सात हफ्ते पूर्व राह भटक कर पाकिस्तान पहुंचे सेना के जवान चंदुबाबू लाल की जल्द वापसी की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि जवान की वापसी के लिए लगातार बातचीत हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसके ठोस परिणाम सामने आएंगे।
पाक उप उच्चयुक्त को समन
इस बीच भारत ने एक बार फिर से पाक उप उच्चायुक्त को तलब कर सीमा पर हो रही गोलाबारी पर गहरी नाराजगी जाहिर की। प्रवक्ता के मुताबिक इसकेलिए पाक उच्चायुक्त को तलब कर 16 से 21 नवंबर के बीच पाकिस्तान की ओर से हुए संघर्ष विराम उल्लंघन पर कड़ा एतराज जताया गया।