विश्व हिन्दू परिषद ने मोदी सरकार पर खुफिया ब्यूरो के जरिए अपने ही हिन्दूवादी संगठनों की जासूसी कराने का आरोप लगाया है। विहिप ने आईबी प्रमुख से 24 घंटे में माफी मांगने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह आईबी के इस कृृत्य की तुरंत जांच करे और लिप्त व्यक्तियों को सजा दे। आईबी निदेशक को लिखे खत में विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगडिया ने कहा है कि उनके पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि उनके कार्यकर्ताओं से मिलकर और फोन के जरिए आईबी के अधिकारी अजीबों गरीब सवाल पूछ रहे हैं।
राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रवीण तोगड़िया ने कह दी ये बड़ी बात
प्रवीण तोगडिया ने कहा कि महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा में विहिप, हिन्दू हेल्प लाईन और इंडिया हेल्थ लाईन सरीखे सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं से आईबी अधिकारियों के जरिए अजीबो गरीब सवाल पूछे जा रहे हैं। इस मामले में उन्होंने आईबी निदेशक के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय और गृहमंत्रालय को भी खत लिखा है।
तोगडिया ने रखी 10 मांगे
अपने कार्यकर्ताओं की जासूसी 24 घंटे के अंदर बंद करवाने और आईबी के जरिए माफी मांगने की शर्त के साथ तोगडिया ने सरकार और खुफिया ब्यूरो के सामने 10 मांगे रखते हुए जवाब मांगा है। तोगडिया ने कहा है कि सामाजिक सेवा में लगे कार्यकर्ताओं की जासूसी कराने का कदम किस बदले की भावना से है। हम देश के नागरीक हमेसा यही मानते हैं कि आईबी देश की सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत करती है। आतंकी खतरे, सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, केरल के जेहादी तत्वों आईएसआईएस और तमाम आतंकी खतरों की खुफिया जानकारी हासिल कर वह देशावासियों की रक्षा करती है इसलिए आईबी के प्रति सम्मान है। मगर हम यह देख सुनकर हैरान हैं कि आईबी विहिप, हिन्दू हेल्प लाईन और इंडिया हेल्थ लाईन सरीखे संगठन में कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं से जानकारी मांग रही है कि कैसे ये संगठन कार्य करते हैं।
विहिप के सेवा कार्यों का दुनिया मानती है लोहा
तोगडिया ने कहा है कि विहिप और उसके संगठन के सेवा कार्यों की दुनिया लोहा मानती है। देश-विदेश की नामचीन हस्तियां हमारे सेवा कार्यों से जुड़ी हुई हैं। बावजूद उसके मुझसे संपर्क करने या मुझे फोन करने के बदले खुफिया ब्यूरो देश में जगह-जगह हमारे कार्यकर्ताओं से जासूसी वाले सवाल पूछ रहा है। उन्होंने आईबी से इसका कारण पूछा है कि क्यों उनके कार्यकर्ताओं की जासूसी हो रही है। तोगडिया का आरोप है कि उनसे संपर्क साधने के बजाय केंद्रीय खुफिया ब्यूरो ने संदेह पैदा करने वाला कदम उठाते हुए हमारे कार्यकर्ताओं से जासूसी वाले सवाल पूछे हैं। उनके अनुसार स्थानीय कार्यकर्ताओं को आईबी अधिकारियों ने बताया है कि संयुक्त निदेशक आईबी के पत्र पर यह कार्य हो रहा है।
तोगडिया ने आईबी के सामने रखी माफी की शर्त
केंद्रीय खुफिया ब्यूरो पर विहिप की जासूसी कराने का आरोप लगाते हुए विहिप नेता प्रवीण तोगडिया ने आईबी के सामने सार्वजनिक माफी की शर्त रखी है। तोगडिया का कहना है कि देश में हजारों किसान आत्महत्या कर रहे हैं। हजारों बेरोजगार युवा नौकरी के अभाव में जिंदगी गंवा रहे हैं। रोजाना घुसपैठ की घटनाएं हो रही हैं, सीमा पर रोज कई जाने जा रही हैं। केंद्रीय खुफिया ब्यूरो को इन मामलों की ओर अतिसक्रियता दिखानी चाहिए। आईबी ने लोगों के जान की रक्षा और देश समाज के लिए कई बेहतर कार्य किए हुए हैं। अभी सैकडों युवा आईएसआईएस सरीखे संगठनों से जुड रहे हैं इस पर नकेल कसने के बजाय खुफिया ब्यूरो सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली राष्ट्रवादी संस्था के खिलाफ लगी हुई है। इसके लिए उन्होंने आईबी से माफी की मांग की है।