गृहमंत्री अमित शाह ने आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ और मस्तिष्क बताया है। गृहमंत्री ने कहा कि आईबी के लोग दिन रात पर्दे के पीछे रह कर बिना थकेआतंकवाद, नक्सलवाद और उत्तर पूर्व के उग्रवाद जैसी समस्याओं केखिलाफ काम कर रहे हैं। इस वजह से इन समस्याओं पर सरकार के जीरो टालरेंस की नीति को काफी बल मिला है।
सोमवार को दिल्ली में आईबी के 32वें सेंटिनरी इंडोमेंट लेक्चर में शाह ने कहा कि आईबी अपने काम से देश को ताकतवार और 5 ट्रीलियन अर्थव्यवस्था की तरफ बढने में मदद कर रहा है। देश केइस संस्था पर गर्व है जो बिना किसी नाम के पर्दे के पीछे से पूरी सुरक्षा तंत्र को अहम मदद देता है। मोदी सरकार ने पांच साल में आतंकवाद और उग्रवाद से देश को मुक्त कराने का वादा किया है।
इसमें आईबी काफी महत्वपूर्ण रोल निभा रहा है। गृहमंत्री ने जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने की जरुरत है।
उत्तर पूर्व राज्यों में पिछले साल भर में इन एजेंसियों ने काफी तालमेल से काम किया जिसकेअच्छे परिणाम आए हैं। शाह ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति के लिए जमीनी और समुद्री सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरुरी है। इसमें खुफिया एजेंसियों का अहम रोल है।