आईएएस अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता को उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का सचिव नियुक्त किया गया है। जगदीप धनखड़ ने 11 अगस्त को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में शपथ दिलाई थी। धनखड़ को छह अगस्त को उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। धनखड़ विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को हराकर विजेता के रूप में उभरे थे।
1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी गुप्ता वर्तमान में अपने कैडर राज्य पश्चिम बंगाल में कार्यरत हैं। गुप्ता ने पहले धनखड़ के साथ काम किया है जब वह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने गुप्ता की नियुक्ति को भारत के उपराष्ट्रपति के सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि 31 दिसंबर, 2023 तक प्रतिनियुक्ति के आधार पर मंजूरी दे दी है।
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर
धनखड़ ने अपनी राजनीति की शुरुआत जनता दल से की थी। धनखड़ 1989 में झुंझनुं से सांसद बने। पहली बार सांसद चुने जाने पर ही उन्हें बड़ा इनाम मिला। 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया था। हालांकि, जब 1991 में हुए लोकसभा चुनावों में जनता दल ने जगदीप धनखड़ का टिकट काट दिया तो वह पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए और अजमेर के किशनगढ से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 1993 में चुनाव लड़ा और विधायक बने। 2003 में उनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ और वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। 2019 में जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया।