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केपीएससी भर्ती विवाद: आईएएस ज्ञानेंद्र गंगवार और कथित मास्टरमाइंड कन्नाले हिरासत में; जांच में क्या सामने आया?

Tue, 01 Sep 2026 02:10 AM IST
निर्मल कांत पीटीआई, बंगलूरू।
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कर्नाटक लोक सेवा आयोग - फोटो : आधिकारिक वेबसाइट/कर्नाटक लोक सेवा आयोग
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बंगलूरू की एक अदालत ने सोमवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और कथित मास्टरमाइंड बसवराज कन्नाले को 10 दिन की सीआईडी हिरासत में भेज दिया। दोनों को केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
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गंगवार और कन्नाले को मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने दोनों के हिरासत की मांग की। अदालत ने सीआईडी की दलील स्वीकार की। रिमांड आवेदन देखने के बाद दोनों को 10 दिन की सीआईडी हिरासत में भेज दिया।

आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी कब हुई?
सीआईडी अधिकारियों ने आईएएस अधिकारी गंगवार को रविवार को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में केपीएससी की कथित गड़बड़ी के मामले में हुई।
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इसके बाद गंगवार को उनके घर पर प्रथम अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी एसीजेएम के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें परप्पन अग्रहारा जेल ले जाया गया। न्यायाधीश ने गंगवार को सोमवार को खुली अदालत में पेश करने का आदेश दिया था।

कन्नाले कहां से पकड़ा गया?
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की टीम ने कन्नाले को रविवार को दिल्ली से पकड़ा। कन्नाले की कुछ भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए। सीआईडी अधिकारियों ने गंगवार से शुक्रवार और शनिवार को पूछताछ की थी। वह जांच अधिकारी के नोटिस के जवाब में उनके सामने पेश हुए थे।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गंगवार से इसलिए पूछताछ की गई, क्योंकि वह फरवरी 2024 से मार्च 2026 तक कर्नाटक लोक सेवा आयोग यानी केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक थे। अधिकारियों ने कहा कि जांच में सहयोग न करने के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया।

केपीएससी में किन गड़बड़ियों की जांच हो रही?
सीआईडी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही है। इसमें परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों को संभालने का तरीका, ओएमआर शीट और मामले में शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच शामिल है।

हाल में गंगवार के ठिकाने को लेकर भी विवाद हुआ था। यह विवाद केपीएससी में कथित गड़बड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की ओर से की गई तलाशी के बाद हुआ था।

राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बाद में कहा था कि गंगवार ने उन्हें बताया था कि वह उत्तर प्रदेश में अपने घर गए थे। उन्होंने बताया था कि उनके पिता की तबीयत खराब थी और इसी वजह से उन्हें वहां जाना पड़ा। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के अधिकारियों ने गंगवार के ठिकानों पर तलाशी ली थी।अधिकारियों के अनुसार, सीआईडी और ईडी केपीएससी से जुड़ी गड़बड़ियों की अलग-अलग जांच कर रहे हैं।

प्रियांक खरगे ने क्यों उठाए सवाल?
इस बीच, प्रियांक खरगे ने सोमवार को कहा कि मामले में जिस तेजी से ईडी की एंट्री हुई है, उससे शक पैदा होता है। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, वे भाजपा नेताओं को बचाने के लिए आए हैं। आमतौर पर ईडी तब आती है, जब सीआईडी या स्थानीय जांच अधिकारी अपनी जांच कर लेते हैं। जिस तेजी और जल्दबाजी से वे आए हैं, उसे देखकर मुझे काफी संदेह है कि यह किसी को बचाने के लिए किया जा रहा है। 
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