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LCH: रडार को चकमा, कई मिसाइलें दागने में सक्षम...आज वायुसेना में शामिल होगा स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर

Mon, 03 Oct 2022 08:53 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी की मौजूदगी में एलसीएच को जोधपुर स्थित वायुसेना स्टेशन पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
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Light Comat Helicopters - फोटो : ANI
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विस्तार
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वायुसेना देश में विकसित हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच) को सोमवार को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल करेगी। इससे वायुसेना की ताकत में और इजाफा होगा। यह बहुपयोगी हेलिकॉप्टर कई मिसाइल दागने और अन्य हथियारों के इस्तेमाल करने में सक्षम है।

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एचएएल ने किया है विकसित
एलसीएच को सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने विकसित किया है। इसे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात करने के लिए प्राथमिक रूप से डिजाइन किया गया है। 
अधिकारियों ने बताया कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी की मौजूदगी में एलसीएच को जोधपुर स्थित वायुसेना स्टेशन पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 5.8 टन वजन के और दो इंजन वाले इस हेलिकॉप्टर से पहले ही कई हथियारों के इस्तेमाल का परीक्षण किया जा चुका है। 
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3,887 करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी 
इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीएस) की बैठक में स्वदेश विकसित 15 एलसीएच को 3,887 करोड़ रुपये में खरीद को मंजूरी दी गई थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 10 हेलिकॉप्टर वायुसेना और पांच थलसेना के लिए होंगे। अधिकारियों ने बताया कि एलसीएच ‘एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर’ ध्रुव से समानता रखता है। 

ध्रुव से रखता है समानता
इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीएस) की बैठक में स्वदेश विकसित 15 एलसीएच को 3,887 करोड़ रुपये में खरीद को मंजूरी दी गई थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 10 हेलिकॉप्टर वायुसेना और पांच थलसेना के लिए होंगे। अधिकारियों ने बताया कि एलसीएच ‘एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर’ ध्रुव से समानता रखता है।

रडार से बचने की विशेषता
इसमें कई में ‘स्टील्थ’ (रडार से बचने की) विशेषता, बख्तर सुरक्षा प्रणाली, रात को हमला करने और आपात स्थिति में सुरक्षित उतरने की क्षमता है। हल्का होने की वजह से यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपनी पूर्ण क्षमता में मिसाइल और दूसरे हथियारों के साथ आराम से ऑपरेट कर सकता है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन हेलिकॉप्टरों में 45% स्वदेशी उपकरण हैं, जिसे बाद के संस्करणों में बढ़ाकर 55% कर दिया जाएगा। यह हेलीकॉप्टर अधिक सक्रिय, गतिशील, एक्सटेंडेड रेंज, ऊंचाई के इलाकों और चौबीसों घंटे तैनाती, लड़ाई के दौरान सर्च और रेस्क्यू, दुश्मन के एयर डिफेंस पर हमला और काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन की भूमिका निभाने के लिए हर मौसम में मुकाबला करने में सक्षम है।

राजनाथ जाएंगे जोधपुर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, 'मैं कल, तीन अक्टूबर को पहले स्वदेश विकसित हल्के लड़ाकू हेलिकाप्टरों (एलसीएच) को शामिल करने के समारोह में भाग लेने के लिए जोधपुर, राजस्थान जाऊंगा। इन हेलिकॉप्टरों को शामिल करने से भारतीय वायुसेना के युद्ध कौशल को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए उत्सुक हूं।'

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