भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने मंगलवार को पासीघाट के मेबो और सिगार क्षेत्रों में लगी भीषण जंगल की आग से निपटने के लिए एक एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर तैनात किया। इसके साथ ही आग पर काबू पाने के लिए 66,000 लीटर पानी छोड़ा।
एक एक्स पोस्ट में, भारतीय वायु सेना ने उन क्षेत्रों में फैली भीषण आग की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। इसके साथ ही एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर की मदद से आग बुझाने के प्रयासों को भी दिखाया। पोस्ट में लिखा था, "#IAF ने अरुणाचल प्रदेश में तुरंत प्रतिक्रिया और सटीक परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पासीघाट के मेबो और सिगार क्षेत्रों में लगी भीषण जंगल की आग से निपटने के लिए Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किया। कई उड़ानों के दौरान, आईएएफ ने आग पर काबू पाने और आसपास की बस्तियों को बचाने के लिए 66,000 लीटर पानी छोड़ा।"
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फरवरी में भी आईएएफ पूर्वोत्तर मेंं बुझाया था आग
इससे पहले 18 फरवरी को, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने पूर्वोत्तर में दो अलग-अलग मोर्चों पर भयंकर जंगल की आग से मुकाबला किया। इसमें दुर्गम इलाकों और बेहद कठिन उड़ान परिस्थितियों में भारी-भरकम हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया।अरुणाचल प्रदेश के वालॉन्ग में, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने प्रभावित क्षेत्र पर 139,800 लीटर पानी गिराने के बाद एक भीषण आग को सफलतापूर्वक बुझा दिया। इसी बीच, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय सेना ने 8 मार्च, 2026 को उत्तराखंड की टिहरी झील के ऊपर कॉम्बैट फ्री-फॉल और स्टैटिक लाइन पैरा-ड्रॉप के माध्यम से अपनी परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए एक संयुक्त अभ्यास किया।
इस अभ्यास ने विभिन्न सेवाओं के बीच निर्बाध तालमेल का प्रदर्शन किया, जिससे बलों की एक साथ प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता उजागर हुई। भारतीय वायु सेना ने कहा, "8 मार्च 2026 को, भारतीय वायु सेना के विमानों ने भारतीय सेना के साथ संयुक्त अभ्यास में टिहरी झील के ऊपर कॉम्बैट फ्री-फॉल और स्टैटिक लाइन पैरा-ड्रॉप किया। इस अभ्यास ने दोनों सेनाओं के बीच निर्बाध समन्वय और परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया।"