भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की खासियत बताई। हैदराबाद में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर वायुसेना के अद्वितीय पराक्रम का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन पर सटीक और निर्णायक प्रहार करने की भारतीय वायुसेना की क्षमता को प्रदर्शित किया है।
डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सशस्त्र बलों के बीच असाधारण समन्वय, तालमेल और एकीकरण को प्रदर्शित किया है। फ्लाइंग अधिकारी सेवा में आगे बढ़ने के साथ-साथ एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाते रहें।
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उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय वायु सेना के अद्वितीय पराक्रम का एक शानदार उदाहरण है। इसे वायु सेना के भविष्य के रूप में आपको समझना होगा कि वायु सेना हमेशा से ही सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाली रही है और रहेगी। भारत के प्रत्येक नागरिक द्वारा भारतीय वायु सेना पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना तेजी से एक एयरोस्पेस बल के रूप में विकसित हो रही है। कई युवा अधिकारी अंतरिक्ष में राष्ट्र की अगुवाई करेंगे। इन चुनौतियों के लिए उन्हें अपने काम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध, केंद्रित और जुनूनी बनना पड़ेगा। उन्होंने स्नातक अधिकारियों को स्वस्थ जीवन शैली के माध्यम से शारीरिक और मानसिक फिटनेस तथा व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी प्रेरित किया।
संयुक्त स्नातक परेड के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख ने स्नातक प्रशिक्षुओं को राष्ट्रपति कमीशन प्रदान किया। समारोह में भारतीय वायुसेना के फ्लाइट कैडेटों, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों और वियतनाम के एक अधिकारी को प्रशिक्षण के सफल समापन पर विंग्स प्रदान किए गए।
पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए।
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वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, 10 मई को दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया।