सोशल मीडिया अब जवानों के कामकाज और उनकी दिनचर्या को भी प्रभावित करने लगा है। रात के समय सोशल मीडिया पर लंबा समय बताना भारतीय वायुसेना के जवानों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा कि लंबे समय तक जागते रहने और नींद पूरी नहीं होने की वजह से लड़ाकू विमान के पायलटों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।
शुक्रवार को बंगलूरू में इंडियन सोसाइटी फॉर एयरोस्पेस मेडिसिन के 57वें सम्मेलन में वायुसेना चीफ धनोआ ने कहा कि ऐसा कोई तंत्र विकसित किया जाए जिससे पता लग सके सके कि लड़ाकू विमान उड़ाने वाले पायलट की नींद पूरी हुई है या नहीं। पायलट की नींद पूरी नहीं होने के चलते 2013 में एक हादसा हुआ था।
पहले किसी ने थोड़ी शराब पी ली तो बार टेंडर उसे पहचान लेता था। अगर वह भी नहीं पहचान पाया तो दूसरे लोग पहचान जाते थे और पायलट को उड़ान पर नहीं जाने देते थे।’
एयर चीफ धनोआ ने इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन से आग्रह किया कि वह ऐसा तंत्र विकसित करने की दिशा में काम करे जिससे पायलटों की नींद पूरी हुई या नहीं, इसकी सटीक जानकारी हासिल की जा सके।