एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एनसीसी कैडेट के योगदान को सराहा। वायु सेना प्रमुख ने ये भी कहा कि फौज में शामिल हुए बगैर भी एनसीसी कैडेट्स देश निर्माण में सहयोग कर सकते हैं।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेट के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई से यह संदेश मजबूती से गया कि जिंदगी में पैसा कमाना या स्वयं आगे बढ़ जाना सबकुछ नहीं है। देश के लिए कुछ करना भी जरूरी है।
विज्ञापन
75 हजार एनसीसी कैडेट्स ने नागरिक प्रशासन में मदद की
एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में एनसीसी के योगदान से काफी लोग प्रोत्साहित हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 75,000 एनसीसी कैडेट ने नागरिक प्रशासन की सहायता की थी। चिकित्सा सहायता एवं स्वैच्छिक रक्तदान जैसा सहयोग प्रदान किया था। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर से देश में भी जागरूकता आई है कि जिंदगी में पैसा कमाना या खुद आगे बढ़ जाना सबकुछ नहीं है। देश के लिए कुछ करना भी जरूरी है। हमें इसी जागरूकता को बरकरार रख देश निर्माण में योगदान देना है।' उन्होंने इस पर खुशी जताई कि एनसीसी में ड्रोन संबंधी प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है।
एनसीसी से वायुसेना में आए 1200 कैडेट्स
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि पिछले पांच साल में एनसीसी से वायुसेना में आने वाले कैडेट की संख्या 1,200 है। उन्होंने कहा कि 20 लाख कैडेट वाली एनसीसी से तीनों सेनाओं में जाने वाले कैडेट की संख्या इसलिए कम होती है, क्योंकि सब लोग फौज में नहीं आ पाते। उन्होंने कैडेट से कहा कि फौज में आए बगैर भी देश निर्माण में योगदान दिया जा सकता है। देर शाम चयनित एनसीसी कैडेट ने वायुसेना प्रमुख व उनकी पत्नी सरिता सिंह से उनके घर एट-होम कार्यक्रम में मुलाकात की।