इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) ने रतन टाटा को आईएसीसी लाइफटाइम अचीवमेंट एंड ग्लोबल एक्सीलेंस पुरस्कार से सम्मानित किया है। आईएसीसी ने बयान जारी कर कहा कि कोविड-19 संकट के चलते उन्हें यह सम्मान बंद कमरे में दिया गया। टाटा के नेतृत्व में टाटा समूह ने काफी विस्तार किया। 2011-12 ने में सौ अरब डॉलर की कंपनी हो गई थी। वह आज भी प्रभावशाली उद्योगपति, दानदाता हैं।
आईएसीससी पश्चिम भारत परिषद,के क्षेत्रीय अध्यक्ष नौशाद पंजवानी ने कहा, हमारा मानना है कि टाटा पहले भारती थे जिन्होंने अमेरिकी बाजार में मौजूद मौकों को समझा। उनके नेतृत्व में टाटा समूह तीन दशक के भीतर अमेरिका में सबसे बड़ी रोजगार देने वाली भारतीय कंपनी बन गई। रतन टाटा के समूह से रिटायर होने के बाद टाटा समूह कई भारतीय स्टार्टअप्स के लिए प्रभावशाली गुरु बने हुए हैं।