तमिलनाडु के मंत्री वेल्लामंडी नटराजन ने रविवार को कहा कि पिछले साल अस्पताल में जबकि दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता भर्तीं थीं तो उन्हें उनसे नहीं मिलने दिया गया। उन्होंने कहा कि जया के निधन की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय आयोग के समक्ष वह पेश होने के तैयार हैं।
बकौल नटराजन, ‘मुझे अम्मा से नहीं मिलने दिया गया, जब वह अपोलो अस्पताल में थीं। हम सिर्फ अस्पताल की दूसरी मंजिल तक ही जा सके। इसके बाद किसी को भी उनके कमरे में जाने की अनुमति नहीं थी।’
पर्यटन मंत्री नटराजन ने यह भी कहा कि वह जांच आयोग के समक्ष गवाही देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर आयोग मुझे समन करता है और मुझसे पूछताछ करता है तो मैं आयोग के समक्ष सच्चाई बयां करूंगा। सच्चाई यह है कि सभी मंत्री आयोग के समक्ष पेश होने को तैयार हैं।’
सनद रहे कि 22 सितंबर को जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने से 5 दिसंबर को अंतिम सांस लेने तक के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने पिछले महीने मद्रास हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस ए अरुमुगास्वामी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित कर दी है।