फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

JK Politics: पूर्व RAW प्रमुख दुलत बोले- 'मैंने फारूक के खिलाफ कुछ नहीं लिखा, उनकी तारीफ से भरी है मेरी किताब'

Wed, 16 Apr 2025 11:34 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Jammu Kashmir Politics: पूर्व रॉ चीफ एएस दुलत की किताब को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर अनुच्छेद 370 और कश्मीर मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। जबकि दुलत साफ कर चुके हैं कि उनकी किताब फारूक अब्दुल्ला की प्रशंसा है, वहीं अन्य राजनीतिक दल इसे अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं।
विज्ञापन
पूर्व रॉ प्रमुख एएस दुलत और फारूक अब्दुल्ला - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में तब हलचल मच गई जब पूर्व रॉ प्रमुख अमरजीत सिंह दुलत की नई किताब 'द चीफ मिनिस्टर एंड द स्पाई' को लेकर खबरें आने लगीं कि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 हटाने का समर्थन किया था। लेकिन इस विवाद पर खुद एएस. दुलत ने सफाई देते हुए कहा- 'मैंने फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ कुछ नहीं लिखा है। मेरी किताब उनकी तारीफ से भरी हुई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Waqf Amendment Act: वक्फ अधिनियम पर अंतरिम रोक लगाने वाला था सुप्रीम कोर्ट, जानें क्यों टाल दिया फैसला

क्या है विवाद?
मीडिया में आई कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एएस दुलत की किताब में फारूक अब्दुल्ला ने निजी रूप से अनुच्छेद 370 हटाने का समर्थन किया था। इस पर खुद एएस दुलत ने कहा- 'मुझे पूरी तरह से गलत समझा गया है। ऐसा कुछ भी नहीं लिखा गया है। मेरी किताब आलोचना नहीं, बल्कि फारूक साहब की सराहना है।' वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने भी किताब को लेकर गलत जानकारी और तथ्यों में गड़बड़ी की बात कही और कहा- एक दोस्त इस तरह नहीं लिखता।
विज्ञापन


विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं
पीपल्स कॉन्फ्रेंस प्रमुख सज्जाद लोन ने कहा कि वे इस बात से हैरान नहीं हैं, 'हमें पहले से अंदाजा था। दिल्ली में फारूक साहब के सबसे बड़े पैरोकार दुलत साहब ही माने जाते हैं। अगर उन्होंने ये लिखा है कि फारूक साहब अनुच्छेद 370 को हटाने के पक्ष में थे या 2020-23 तक बीजेपी के साथ गठबंधन चाहते थे, तो उसकी विश्वसनीयता है।' इस पर पीडीपी नेता वहीद पारा ने कहा- 'नेशनल कॉन्फ्रेंस और फारूक अब्दुल्ला को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। दुलत साहब ने लिखा है कि फारूक साहब अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले से सहमत थे। यह जम्मू-कश्मीर की जनता के साथ ऐतिहासिक विश्वासघातों की कड़ी है।'
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Karnataka: सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को चार फीसदी कोटा, राज्यपाल ने विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा

एएस दुलत को जानिए?
ए.एस. दुलत पूर्व IPS अधिकारी हैं जिन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो और रॉ दोनों में सेवाएं दीं। 1990 के दशक में उन्होंने कश्मीर ग्रुप का नेतृत्व किया। रिटायरमेंट के बाद जनवरी 2001 से मई 2004 तक वे प्रधानमंत्री कार्यालय में कश्मीर मामलों के सलाहकार रहे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें