रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया ने बेटे के साथ विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह बेटे के प्यार में अंधे हो गए थे। अपने बेटे गौतम सिंघानिया के साथ सुलह के संकेत देते हुए विजयपत ने कहा कि वह बेटे के साथ चल रहे मतभेदों को दूर करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास 'देने के लिए कुछ नहीं बचा है'। आपको बता दें कि बिजनेस टाइकून रहे विजयपत सिंघानिया ने आरोप लगाए थे कि उनके बेटे ने उन्हें एक-एक पैसे के लिए मोहताज बना दिया है और उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा।
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मेरे पिता को बहकाया गया है: गौतम सिंघानिया
एक अंग्रेजी अखबार के साथ बातचीत में रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनके पिता को बहकाया गया है, इसलिए वह आमने-सामने बैठ कर इस मामले पर बात करना चाहते हैं।
गौतम सिंघानिया ने बताया कि उन्होंने विवाद के बाद अपने पिता विजयपत सिंघानिया से बातचीत की कोशिश की थी लेकिन वह उनसे मिलने के लिए नहीं आए। उन्होंने कहा कि अपने पिता की ऐसी हालत देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ।
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बातचीत के लिए हर तरह से तैयार हैं विजयपत सिंघानिया
साउथ मुंबई में एक किराए के कमरे में रहने वाले विजयपत सिंघानिया ने कहा कि वह बेटे के प्यार में अधे हो गए थे। विजयपत ने कहा कि यह गौतम के लिए उनका प्यार ही था कि उन्होंने अपने सभी शेयर अपने बेटे के नाम कर दिए। बेटे के साथ सुलह का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि वह बातचीत के लिए हर तरह से तैयार हैं।
इसके साथ ही विजयपत ने यह भी कहा कि अगर गौतम कोर्ट में भगवान तिरुपति बालाजी की तस्वीर पर हाथ रखकर कसम खाए कि मैं जो कह रहा हूं वह झूठ है, तो मैं केस वापस ले लूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी भगवान तिरुपति बालाजी में गहरी आस्था है और गौतम भी भगवान बालाजी में विश्वास रखता है।'