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संसद सत्र: 'मैं मछली नहीं खाता, शाकाहारी हूं', जब बिरला ने कही ऐसी बात; भाजपा सांसद की टिप्पणी के बाद गहमागहमी

Tue, 11 Feb 2025 12:40 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली

सार

सदन में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछते हुए रूड़ी ने कहा कि देश में 95 करोड़ लोग मछली खाते हैं और एक करोड़ लोग मछली का उत्पादन करते हैं। भाजपा सांसद ने आगे कहा कि अध्यक्ष जी, पता नहीं आप मछली खाते हैं या नही। इस पर बिरला ने कहा कि मैं नहीं खाता। मैं शाकाहारी हूं।
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Om Birla - फोटो : PTI
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विस्तार
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि मैं मछली नहीं खाता, शाकाहारी हूं। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद राजीव प्रताप रूड़ी की एक टिप्पणी के जवाब में उन्होंने कहा कि वह मछली नहीं खाते और शाकाहारी हैं। 

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क्या है मामला?
सदन में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछते हुए रूड़ी ने कहा कि देश में 95 करोड़ लोग मछली खाते हैं और एक करोड़ लोग मछली का उत्पादन करते हैं। भाजपा सांसद ने आगे कहा कि अध्यक्ष जी, पता नहीं आप मछली खाते हैं या नही। इस पर बिरला ने कहा कि मैं नहीं खाता। मैं शाकाहारी हूं।

कल्याण बनर्जी के बयान पर बिरला की नसीहत
इसी विषय पर एक पूरक प्रश्न पूछते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि जब जदयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मंत्री नहीं थे, तो वे पूछते थे कि उन्हें हिलसा (मछली की एक किस्म) कब खिलाई जाएगी। अध्यक्ष बिरला ने बनर्जी से प्रश्न पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
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राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने दिया जवाब
रूड़ी के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पिछले एक दशक में मछली की पैदावार 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है।

सदन में पूछे गए सभी प्रश्न राष्ट्रीय महत्व के ही होते हैं: बिरला
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ने रूडी से कहा कि सदन में पूछे गए सभी प्रश्न राष्ट्रीय महत्व के ही होते हैं। दरअसल, रूडी ने मत्स्य पालन पर एक प्रश्न पूछने की कोशिश की थी, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय महत्व से संबंधित बताया था। जब बिरला ने प्रश्नकाल में रूडी से पहला प्रश्न पूछने को कहा तो उन्होंने पाया कि उनकी बारी काफी देर से आई है। इस पर उन्होंने कहा कि मेरा सवाल राष्ट्रीय महत्व से जुड़ा हुआ है। इस दौरान बिरला ने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि इस सदन में प्रश्नकाल के दौरान उठाए जाने वाले सभी सवाल राष्ट्रीय महत्व के ही होते हैं। 

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