पूरे भारत में हर साल लाखों औरतें कभी नौकरी के झूठे वायदे में फांसकर तो कभी अपने ही पति के झांसे का शिकार होकर देह व्यापार में धकेली जाती हैं। एक बार कोठे में फंस जाने के बाद अगर वो बाहर निकल भी आएं तो गांव कस्बे में लौटकर इज्जत से गुजर-बसर कर पाना बड़ी चुनौती होती है।
कोलकाता में एक समाजसेवी संस्था ऐसी औरतों को अपना बिसनेस लगाने के लिए पैसे दे रही है, लेकिन कितनी बदली है उनकी जिंदगी?
"मैं सेक्स-वर्क नहीं करना चाहती थी, इसलिए कभी थप्पड़, कभी लकड़ी, रॉड या बेल्ट से, वो मुझे बहुत मारते थे। मेरे पैर और कमर पर अभी तक दाग हैं। मैं बीमार भी पड़ गई। अस्पताल तक ले जाना पड़ा पर फिर मुझे मानना ही पड़ा।
गांव वालों की नजर में मैं गंदी लड़की हो गई थी
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बहुत रोती थी, दुखी रहती थी। आखिर में एक रात एसिड और मिर्ची को खिड़की की ग्रिल पर लगाकर उसे पिघलाया। मैं और दो लड़कियां वहां से भाग गईं। गांव लौटी तो लोगों ने मुझसे बात करना बंद कर दिया। उनकी नजर में मैं गंदी लड़की हो गई थी।
मैं बहुत रोती, और सोचती थी कि मैं मर जाऊं। जिंदगी से मन उचाट हो गया था। ट्रैफिकिंग से पहले मैं स्कूल में पढ़ाई के साथ स्टार आनंदो नाम के चैनल में थोड़ा बहुत काम कर रही थी। वो सब छूट गया। 16 साल की उम्र में जब पढ़ाई पूरी कर मैं अपनी जिंदगी में कुछ बन सकती थी, तब ये सब हो गया।
अब क्या सपने देखती? क्या नौकरी करती? फिर एक समाजसेवी संस्था ने मुझे दुकान लगाने की ट्रेनिंग दी, पैसा दिया। वहां दीदी थीं जो हमसे बात करती थीं। तभी दिल हल्का हुआ, जो सब अंदर जम गया था, बाहर निकल आया।
'अब मेरी डेढ़ साल की बेटी है'
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दुकान के जरिए ही गांववालों से भी बातचीत शुरू हुई। जब वो कुछ लेने आते तो बात तो करनी पड़ती थी। और पैसे भी कमाने लगी। इस बीच मेरे स्कूल के एक लड़के के दोस्त को मैं पसंद आ गई। वो मुझसे प्यार करने लगा।
मैं ना मानती तो हाथ जला लेता, नस काट लेता। पर मैंने भी उसे कहा मैं झूठ के सहारे ये रिश्ता नहीं बनाऊंगी। मेरे बारे में सब जानकर फिर मुझे पसंद करो, तब प्यार करूंगी। उसने सब सुना और रो पड़ा।
फिर हमने शादी की। पर उसके घर में हमने ये सच आज तक किसी को नहीं बताया है। अब मेरी डेढ़ साल की बेटी है। मैं उसे बहुत हिम्मती बनाना चाहती हूं। मेरे पति और मेरा यही सपना है कि उसे ठीक से पढ़ाएं, अपने पैरों पर खड़े होने के काबिल बनाएं ताकि उसकी जिंदगी उसके हाथ में हो।"
(बीबीसी संबाददाता ने इस महिला से कोलकाता में बात की थी। उनके अनुरोध पर उनकी पहचान जाहिर नहीं की गई है।)