गुजरात पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
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गुजरात के महिसागर जिले में अजंता हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर कंपनी के अधिकारियों और ठेकेदारों पर लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, बीते गुरुवार को प्लांट के कुएं में कार्य के दौरान अचानक मही नदी का पानी घुस आया था, जिसमें पांच मजदूर डूब गए थे।
पुलिस ने बताया कि 50 घंटे की तलाश के बाद सभी शव शनिवार शाम बरामद किए गए। हादसे के वक्त 15 मजदूर कुएं में उतरे थे, जिनमें से 10 बाहर निकल आए जबकि बाकी पांच लापता हो गए।
महिसागर के डिप्टी एसपी कमलेश वसावा ने बताया कि अजंता एनर्जी प्रोजेक्ट के कर्मचारियों, अधिकारियों और ठेकेदारों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु) और 125 (1) (लापरवाह कृत्य से जीवन संकट) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
वहीं, महिसागर के कलेक्टर अर्पित सागर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट कडाना डैम पर एमओयू के तहत चल रहा था। अजंता एनर्जी के मालिक जयसुख पटेल पहले से ही मोरबी पुल हादसे (2022) के मुख्य आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है और कहा है कि जरूरत पड़ने पर और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।