अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के दौरे से पहले तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद को देश का पहला भिखारी मुक्त शहर बनाने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इवांका ट्रंप 28 नवंबर से आगामी तीन दिवसीय वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (जीईएस)2017 में शिरकत करेंगे।
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सरकार ने तेलंगाना जेल विभाग को भिखारी मुक्त शहर बनाने का जिम्मा दिया है। इसके मद्देनजर तेलंगाना जेल विभाग 25 दिसंबर से भिखारियों का पता बताने वालों को 500 रुपये का इनाम देने की पेशकश की है। साथ ही 7 जनवरी 2018 से शहर की सड़कों पर भीख मांगने पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।
हैदराबाद पुलिस का कहना है सरकार अब भिखारियों के पहचान पत्र बनवाने और उन्हें पुनर्वास की सुविधा भी मुहैया कराने को लेकर भी प्रतिबद्ध है। मानसिक और शारीरिक रूप से विक्षिप्त भिखारियों का एनजीओ की मदद से इलाज भी कराया जाएगा।
राज्य संस्थान सुधारक प्रशासन (एसआईसीए) के वाइस प्रिंसिपल एम संपत ने कहा कि नागरिक 25 दिसंबर से भीख मांगने वाले व्यक्ति की सूचना जेल नियंत्रण कक्ष को दे सकते हैं। जेल विभाग हैदराबाद में भिखारियों की पहचान बताने वाले को 500 रुपये बतौर इनाम देने का ऐलान किया है।
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संपत ने कहा कि इसका उद्देश्य शहर को भिखारी मुक्त बनाना है और भिखारियों की पहचान कर उनके पुनर्वास का प्रबंध करना है। साथ ही पहचान पत्र बनवाकर उन्हें संवैधानिक प्रक्रिया से जोड़ना भी इसका मकसद है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल और सेवा सुधारक महानिदेशक वीके सिंह ने तेलंगाना सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि वे भिखारियों की पुनर्वास की व्यवस्था कर रहे हैं।
भिखारियों के फोटो पहचान पत्र और फिंगर प्रिंट के साथ आधार कार्ड भी बनवाए जाएंगे। मानसिक और शारीरिक रूप से विक्षिप्त भिखारियों को इलाज और पुनर्वास के लिए विभिन्न एनजीओ से जोड़ा जाएगा। पुलिस का यह भी कहना है कि भिखारियों से पैदल राहगीरों और वाहन ट्रैफिक पर खतरा बना रहता है।