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Telangana: हैदराबाद स्कूल टॉपर की दम घुटने से मौत, घर में लगी आग से दादा-दादी ने भी गंवाई जान

Sat, 02 Nov 2024 06:40 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

मजलिस बचाओ तहरीक नेता अमजद उल्लाह खान ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतनी अपील के बाद भी किसी ने इस प्रतिभाशील लड़की की मदद नहीं की। क्राउडफंडिंग ने केवल एक लाख रुपये जुटाने में मदद की, जो दवाओं के भुगतान में ही खर्च हो गए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक 15 वर्षीय इंटरमीडिएट छात्रा अपने ही घर में एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। दरअसल, सोमवार को छात्रा के घर में आग लगी, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। यह घटना याकूतपुरा में घटी। आग की चपेट में आने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। छात्रा की पहचान श्रुति गुप्ता के तौर पर की गई है। इस हादसे में उसके दादा-दादी की भी मौत हो गई। 
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घर में आग लगने की जानकारी पाने के बाद पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने श्रुति को कमरे में बेहोश पाया। श्रुति इंटरमीडिएट की छात्रा थी और वह एक स्कूल टॉपर भी रह चुकी है। क्राउडफंडिंग के माध्यम से श्रुति के परिवार को चिकित्सा खर्च का भुगतान करने में मदद करने वाले मजलिस बचाओ तहरीक नेता अमजद उल्लाह खान ने बताया कि लड़की की तबीयत आईसीयू में बिगड़ गई। शुक्रवार देर रात को श्रुति की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे गांधी अस्पताल में शिफ्त किया गया। शनिवार को उसने अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली। 

मजलिस बचाओ तहरीक नेता अमजद उल्लाह खान ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "इतनी अपील के बाद भी किसी ने इस प्रतिभाशील लड़की की मदद नहीं की। क्राउडफंडिंग ने केवल एक लाख रुपये जुटाने में मदद की, जो दवाओं के भुगतान में ही खर्च हो गए। उसके परिवार ने इलाज के लिए दो लाख रुपये लगाए।" उन्होंने आगे कहा,"कुछ मामलों में हम पांच लाख रुपये तक जमा कर लेते हैं, लेकिन श्रुति के मामले में हम दो लाख रुपये भी जमा नहीं कर पाए। कई लोगों ने सिर्फ 100 रुपये ही दिए।"
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मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के कार्यलय के अधिकारी ने कहा कि सीएम ने शुक्रवार को श्रुति की स्थिति पर ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों से लड़की के लिए सर्वश्रेष्ठ इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। श्रितु के चाचा मनोज लाल ने बताया कि परिवारवालों के पास रुपये कम पड़ गए थे। उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी, जिसके बाद उसे गांधी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ी, लेकिन आखिर में वह हार गई। 

श्रुति जब छोटी थी, तभी उसकी मां की मौत हो गई थी। उसके पिता दक्षिण अफ्रीका चले गए और वह अपने दादा-दादी के साथ रहने लगी। सोमवार की रात को उसके एक मंजिला घर की रसोई में आग लग गई। घर में आग फैलने लगी और दिवाली के लिए रखे पटाखों में भी लग गई। श्रुति के दादा 58 वर्षीय मोहल लाल गुप्ता और दादी 55 वर्षीय उषा गुप्ता की धुएं में दम घुटने से मौत हो गई।
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