कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच तेलंगाना के लोकप्रिय मेले नुमाइश को एक बार फिर से स्थगित कर दिया गया है। खास बात यह है कि इसे एक दिन पहले ही खोला गया था, लेकिन तेलंगाना में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दो जनवरी को इसे बंद करने का फैसला लिया गया। इससे पहले पिछले साल भी कोरोना की दूसरी लहर के कारण नुमाइश का आयोजन नहीं किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि नुमाइश को 10 जनवरी तक के लिए अस्थाई रूप से स्थगित किया गया है। नुमाइश का यह 81वां संस्करण था, जिसका आयोजन किया जाना था।
कड़े नियमों के बीच हुआ था नुमाइश का आयोजन
कोरोना और ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच नुमाइश का आयोजन कड़े नियमों के बीच किया गया था। आयोजकों की ओर से इस बात की घोषणा की गई थी कि वे 'नो-मास्क, नो-एंट्री' के नियम का सख्ती से पालन करेंगे। इसके अलावा नुमाइश का आयोजन कराने वाली ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल एग्जिबिशन सोसाइटी (AIIE) का कहना है कि उन्होंने नुमाइश में स्टॉल लगाने के लिए दुकानदारों को तभी पहचान पत्र जारी किए थे, जब उनकी ओर से पूर्ण टीकाकरण का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, इसके बाद भी नुमाइश को 10 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
फंस गया स्टाल मालिकों का पैसा
नुमाइश स्थगित होने के बाद स्टाल मालिकों को पैसा फंसने का डर भी है। सोशल मीडिया पर इस तरह के कई सवाल पूछे जा रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि अगर नुमाइश को एक दिन बाद बंद ही किया जाना था, तो इसे खोला ही क्यों गया था। वहीं कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या आयोजक स्टॉल मालिकों द्वारा ली गई रकम को वापस करेंगे?