हैदराबाद पुलिस ने मोबाइल एप पर तुरंत कर्ज देने वाली नौ कंपनियों के निदेशक को गिरफ्तार किया है। तेलंगाना में कर्ज लेने वालों को धमकाने और डराने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने जांच में फर्जीवाड़ा करने वालों के खातों का पता लगाया और उनके पास से 300 करोड़ रुपये सीज किए।
इस फर्जीवाड़े के कुछ मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है। तेलंगाना पुलिस के अनुसार, उधार देने वाली कंपनियां, इंस्टेंट लोन एप के जरिये, लोगों को कर्ज देती हैं और इस पर भारी ब्याज व प्रोसेसिंग चार्ज लगाती हैं।
इसके बाद कर्ज वापसी के लिए कॉल सेंटर के जरिये लोगों को धमकाया और डराया जाता है। कई मामलों मे तो गाली गलौच तक की नौबत आती है। तेलंगाना में पिछले साल दिसंबर से अब तक इस तरह के उत्पीड़न के कारण छह आत्महत्याएं हो चुकी हैं। पुलिस ने 50 मामले दर्ज किए हैं और करीब 30 लोगों को गिरफ्तार भी किया है जिसमें चार चीनी नागरिक हैं। ईडी भी इन एफआईआर पर जांच कर रहा है।