ED: ईडी ने एक जालसाल के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया है। यह व्यक्ति ईडी के अधिकारियों से संबंध होने का दावा करके लोगों से पैसे ऐंठने का काम करता था। आरोपी से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड बरामद किए गए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक कथित 'जालसाज' के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया। आरोप है कि यह जालसाज ईडी के अधिकारियों से संबंध होने का दावा करता था और फिर लोगों से पैसे वसूलता था। ई़डी की क्षेत्रीय टीम (हैदराबाद) ने तीन जनवरी को इस जालसाज के परिसरों की तलाशी ली और कई सिम कार्ड व मोबाइल फोन बरामद किए। केंद्रीय एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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ईडी ने एक बयान में बताया कि आरोपी संदीप देसाई ने इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल लोगों को धमकाने और उन पर पैसे के लिए दबाव डालने के लिए किया था। यह मामला तब सामने आया, जब सीएसके रियल्टर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार अग्रवाल ने ईडी के हैदराबाद स्थित कार्यालय में एक शिकायत दी। शिकायत में अग्रवाल ने बताया कि देसाई ने उनसे संपर्क किया और कहा कि वह ईडी की जांच में उनकी मदद कर सकता है।
पिछले साल 19 दिसंबर को ईडी ने धनशोधन के मामले में सीएसके रियल्टर्स और सिंह मेंशंस प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी के मुताबिक, देसाई ने अग्रवाल से तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क किया और खुद को ईडी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर 'मदद' की पेशकश की। उसने अग्रवाल से एक पांच सितारा होटल में मिलने के लिए कहा और वहां अपने आपको ईडी के अधिकारी का रिश्तेदार या दोस्त बताया।
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देसाई ने अग्रवाल से भारी रकम की मांग की और कहा कि वह ईडी के अधिकारियों के साथ अपने संबंधों का उपयोग करके उनकी मदद कर सकता है। ईडी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और निगरानी के जरिए देसाई को पहचाना गया। जैसे ही उसकी लोकेशन पता चली, उसके ठिकाने पर छापा मारा गया। पूछताछ के दौरान देसाई ने कबूल किया कि उसने ईडी के अधिकारियों के नाम पर अग्रवाल से पैसे वसूलने की कोशिश की थी।
एजेंसी ने लोगों को चेतावनी दी कि वे कभी भी किसी से संपर्क करते समय यह सुनिश्चित करें कि वह सच में ईडी से है या नहीं। इसके लिए लोग ईडी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जालसाज की जांच कर सकते हैं।