हैदाराबाद की एक अदालत ने गुरुवार को एक तेलुगु टीवी समाचार चैनल के दो पत्रकारों को जमानत दे दी। दोनों पत्रकारों को एक महिला आईएएस अधिकारी के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के बाद सामग्री जब्त की। उन्हें न्यायिक हिरासत के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया।
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पत्रकारों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ताओं ने मीडियाकर्मियों को बताया कि दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गुरुवार उनकी रिमांड याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही 20,000 रुपये प्रत्येक के दो जमानती पेश करने पर जमानत दे दी।अदालत ने आरोपियों को अपने पासपोर्ट सरेंडर करने का भी निर्देश दिया।
झूठी, मनगढ़ंत और निराधार सामग्री प्रकाशित करने के आरोप
तेलंगाना आईएएस अधिकारी संघ की शिकायत के बाद, जिसमें कुछ चैनलों पर अधिकारी के बारे में "झूठी, मनगढ़ंत और निराधार सामग्री प्रकाशित और प्रसारित करने" का आरोप लगाया गया था। केंद्रीय अपराध केंद्र (सीसीएस) में 10 जनवरी को बीएनएस, आईटी अधिनियम और महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
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एसआईटी का किया गठन
इस मामले की जांच के लिए आठ अधिकारियों वाली एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बताया कि जांच के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर टीम ने 14 जनवरी को दो आरोपियों एक वरिष्ठ पत्रकार और एक इनपुट संपादक को गिरफ्तार किया। कमिश्नर ने आगे कहा कि इनपुट एडिटर, जिसे बैंकॉक जाने की कोशिश करते समय आरजीआई एयरपोर्ट इमिग्रेशन अथॉरिटी द्वारा हिरासत में लिया गया था। वहीं, बीआरएस और भाजपा ने पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर हमला बोला था और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की थी।