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मिसाल: तेलंगाना के डॉक्टर विक्टर बने गरीबों के मसीहा, 10 रुपये में कर रहे कोरोना मरीजों का इलाज

Tue, 01 Jun 2021 01:37 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

 डॉक्टर विक्टर ने दावा किया है कि वह हर रोज 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि पिछले साल उन्होंने 20 से 25 हजार से अधिक कोरोना मरीजों का इलाज किया था।  
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डॉक्टर विक्टर - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोरोना महामारी के दौरान देश में गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को अस्पतालों में महंगे इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में हैदराबाद के एक डॉक्टर ने मिसाल पेश करते हुए कोरोना मरीजों का इलाज महज 10 रुपये में कर रहे हैं। डॉक्टर विक्टर ने दावा किया है कि वह हर रोज 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि पिछले साल उन्होंने 20 से 25 हजार से अधिक कोरोना मरीजों का इलाज किया था। डॉ. विक्टर कोरोना के अलावा डायबिटीज, हृदय समेत अन्य बीमारियों का इलाज करते हैं।  

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गरीबों को इलाज के लिए गिड़गिड़ाते देखा, फिर सस्ते इलाज करने की ठान ली
डॉक्टर विक्टर इमैनुएल ने बताया कि उन्होंने क्लीनिक की शुरुआत असहाय लोगों की मदद के लिए की थी। उन्होंने कहा कि 'एक बार मैंने एक महिला को अपने पति की दवा खरीदने के लिए भीख मांगते देखा था। उसके बाद से मैं भावुक हो गया और जरूरतमंद और गरीबों का सस्ता इलाज करने की ठान ली थी।'

क्लीनिक में 140 मरीजों के लिए जगह 
हैदराबाद के बोद्दुप्पल इलाके में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर विक्टर इमैनुएल ने बताया कि वह 10 रुपये में कोरोना मरीजों का इलाज करते हैं। वह डायबिटीज, हृदय से संबंधी बीमारी समेत अन्य बीमारियों का इलाज करते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वह 2018 से मरीजों का इलाज मात्र 10 रुपये फीस लेकर कर रहे हैं।
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डॉ. विक्टर ने कहा कि वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए कोरोना मरीजों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्तमान में वह हर रोज 100 से ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उनके क्लीनिक में 140 मरीजों के लिए जगह है। वह मरीजों को कोरोना से बचने के उपाय भी बताते हैं।

सैनिकों के लिए फ्री इलाज की सुविधा
विक्टर इमैनुएल ने बताया कि राशन कार्ड धारकों व अन्य लोगों से 10 रुपये बतौर फीस लेते हैं। जबकि, सैनिकों के लिए मुफ्त सेवा है। वह किसानों, एसिड अटैक सर्वाइवर, अनाथ और विकलांगजनों और उनके परिवारों के इलाज के लिए वह हमेशा तैयार रहते हैं।

महामारी के दौरान लोगों को भोजन भी उपलब्ध करा रहे डॉक्टर विक्टर
डॉक्टर विक्टर इमैनुएल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में हर रोज लोगों को इलाज उपलब्ध कराना थोड़ा मुश्किल था। लेकिन इस काम में उनका परिवार और उनकी डॉक्टर पत्नी ने पूरा सहयोग दिया। बाद में लोग और कई संगठन मदद के लिए आगे आए और तब से सस्ते इलाज की मुहिम जारी है। वह 'स्नेह हस्थम' कार्यक्रम के जरिए महामारी के दौरान लोगों को भोजन भी करा रहे हैं। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को 10 रुपये में इलाज देने के लिए वह चैरिटेबल अस्पताल शुरू करने की तैयारी में जुटे हैं।

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