सार
हैदराबाद में एटीएम कैश वैन का चालक 17 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस को इस मामले में अंदरूनी साजिश का संदेह है और विशेष टीमें जांच में जुटी हैं। दूसरी ओर, गांधी नगर पुलिस स्टेशन के एक सब-इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने गिरफ्तार किया है। दोनों घटनाओं से शहर में सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...
हैदराबाद में एटीएम कैश वैन का चालक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
हैदराबाद में अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ एटीएम में नकदी भरने वाली वैन का चालक 17 लाख रुपए लेकर फरार हो गया, वहीं दूसरी ओर एक सब-इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। दोनों घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक, एटीएम में कैश भरने वाली वैन रेन बाजार-संतोष नगर मुख्य मार्ग से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक ने कथित तौर पर वैन में रखे कैश बॉक्स से 17 लाख रुपए निकाल लिए और मौके से फरार हो गया। आरोपी ने पहले से योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। नकदी लेकर वह वैन को वहीं छोड़कर एक दोपहिया वाहन से भाग निकला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चालक को नकदी की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को शक है कि इस पूरे मामले में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए क्या कर रही है?
आईएस सदन पुलिस स्टेशन की टीमों ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी चालक ने वारदात के बाद किस रास्ते से फरार होने की योजना बनाई थी और क्या उसे किसी ने मदद पहुंचाई थी।
रिश्वत लेते कैसे पकड़ा गया सब-इंस्पेक्टर?
इसी बीच, हैदराबाद के गांधी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात सब-इंस्पेक्टर वी. नरसिम्हुलु को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने एक शिकायतकर्ता से स्टेशन बेल जारी करने और भविष्य में उसे परेशान नहीं करने के बदले एक लाख रुपए की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार अधिकारी को विशेष अदालत में पेश किया गया है और मामले की जांच जारी है।