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पाकिस्तान पर भी तो कुछ बोलिए हुजूर

Thu, 29 Sep 2016 04:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
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अमित शाह - फोटो : Amar Ujala
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रैली में लोगों को उम्मीद थी कि अमित शाह पाकिस्तान पर कुछ आक्रामक बोलेंगे, लेकिन अपने पूरे भाषण में उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया। शहीद सैनिकों के बारे में भी कुछ नहीं बोले। हर कोई चाहता था कि दीनदयाल धाम से पाकिस्तान के खिलाफ अमित शाह कुछ बोलें। 
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भीड़ से लोग आवाज लगाते रहे पाकिस्तान पर बोलिए। अब सरकार क्या करेगी जनता को बताओ। अमित शाह ने लोगों की बात को अनसुना कर दिया। एक बार को जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने भाषण में कुछ जोशीले दिखे तो लगा कि अब पाकिस्तान पर ‘अटैक’ होगा, लेकिन पूरा भाषण सपा, बसपा और कांग्रेस पर ही केंद्रित रखा। 

शाह को पाकिस्तान पर बोलते न देख भीड़ में से कुछ लोग उठकर जाने लगे। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भीड़ में व्यवस्था बनाने की कोई कोशिश नहीं की। सभी नेता मंच पर ही जमे रहे। अमित शाह की रैली को सफल बनाने के लिए महीनों से कसरत हो रही थी। 
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भाजपा के नेता पूरी ताकत के साथ जुटे थे, लेकिन उम्मीद से कम भीड़ जुटी। इसके लिए पिछले बीस दिनों से तैयारियां चल रही थीं। भाजपा के नेताओं ने भीड़ जुटाने को लक्ष्य तय कर दिए थे। हर विधानसभा से बसों से कार्यकर्ता आने थे। टारगेट 25हजार का दिया गया था, जबकि 50 हजार तक की भीड़ पहुंचने के दावे किए गए थे। 
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हेमामालिनी ने कहा कि वह ब्रज की राधा हैं

- फोटो : फाइल फोटो
इस रैली की मानीटरिंग करने के लिए प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया और स्वतंत्रदेव सिंह ने कस्बों में जाकर बैठकें कीं, लेकिन स्थानीय नेताओं की आपसी खींचतान से उम्मीद से काफी कम भीड़ जुटी। 

भीड़ की मंशा के अनुरूप पाकिस्तान पर शाह के मौन के बाद स्थिति यह हो गई कि जब उन्होंने भाषण शुरू किया तो लोग उठकर जाने लगे। किसी नेता ने भीड़ के बीच जाकर व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया और न ही जाने वालों को रोकने की कोशिश की।

सांसद हेमामालिनी ने माइक संभालते हुए कहा कि वह ब्रज की राधा हैं। यहां जितना प्यार और सम्मान मिला है वह उसे कभी भूल नहीं सकतीं। उन्होंने मथुरा संसदीय क्षेत्र में कराए गए विकास कायों की भी गिनती कराई। कहा कि उनका लक्ष्य इस क्षेत्र को चमन बनाना है। जल्द ही पचास से भी ज्यादा सड़कों पर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
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