फिलहाल हर साल पहली जनवरी को 18 साल की उम्र पूरी कर रहे लोग ही मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। अब इस कटऑफ डेट की बाध्यता हटाने और सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए एक से अधिक मौके देने पर विस्तृत चर्चा हुई। आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 2010 से ही ई-वोटिंग के विकल्प पर काम कर रहा है।
इससे कोई व्यक्ति कहीं से भी अपने निर्वाचन क्षेत्र में वोट कर सकेगा। दरअसल, देश में लगभग 45 करोड़ लोग प्रवासी हैं। जो आजीविका के लिए मूल निवास की जगह अन्य राज्यों में रहते हैं। ई-वोटिंग से उन्हें मताधिकार की सुविधा मिल जाएगी।
इन सुधारों को लागू करने के लिए आयोग लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहा है, क्योंकि इसके लिए जनप्रतिनिधि कानून-1951 में बदलाव करना होगा। विधि सचिव ने आयोग को आश्वासन दिया कि जल्द ही सुधारों को लेकर फैसला होगा।