नगरोटा के उत्तरी कमान 16 कोर ठिकाने पर पाक आतंकियों के हमले से क्षुब्ध रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सेना से पूरी रिपोर्ट तलब की है। पिछले दस दिनों से जम्मू केबड़े सैन्य ठिकानों पर आतंकी हमले की आशंका कीखुफिया इनपुट के बावजूद सेना इसे नहीं रोक पाई। रक्षा मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक परिकर इस बात से बेहद नाराज हैं कि जनवरी में हुए पठानकोट हमले के बाद देश केसभी सैन्य ठिकानों की हुई सुरक्षा संबंधी ऑडिट रिपोर्ट से कोई सबक नहीं लिया गया है।
रिपोर्ट तलब करने के बाद परिकर दक्षिण एशिया सामरिक मामलों पर बातचीत के लिए दो दिन की बांग्लादेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं। वहां से लौटने के बाद सेना की रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सेना को इस सवाल का जवाब देना पड़ेगा कि जब सीमा पर तनाव है और पाकिस्तान बड़े सैन्य ठिकानों पर हमले की ताक में है तब नगरोटा जैसे संवेदनशील कैंप पर ऐसा हमला क्यूं और कैसे हो गया। इस मामले से जुड़ेसूत्र केमुताबिक यह साफ है कि पठानकोट और उड़ी हमले से कोई सबक नही लिया गया है।
सूत्रों केमुताबिक सेना और जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों को दस दिनों पहले यह खुफिया सूचना दी गर्इ थी कि लश्क-ए-तौयबा का एक सेल जम्मू केकिसी बड़े सैन्य ठिकने पर हमले की फिराक में है। गौरतलब है कि पठानकोट हमले केबाद लेफ्टिनेंट जनरल फिलिप कंपोज की अगुवाई में एक ऑडिट रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसमें सेना के तीनों अंगों के विभिन्ना संवेदनशील सैन्य ठिकानों की सुरक्षा दुरुस्त करने संबंधी सिफारिश की गई। बीते मई में यह रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंपी गई। सेना के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि इस रिपोर्ट का फॉलोअप ठीक तरीकेसे नहीं किया गया।
फिलिप कंपोज कमेटी रिपोर्ट की सिफारिशें -
1. सैन्य ठिकानों की सुरक्षा संबंधी कमियों को तय समय सीमा में दूर किया जाए।
2. सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए सामान्य गारद के अलावा कम से कम दो क्वीक रिएक्शन कमांडो टीम तैनात की जाए।
3. सैन्य ठिकानों के गेट पर आधुनिक गेट और संयंत्र लगाए जाएं ताकि आतंकियों को गेट पर ही रोका जा सके।
4. खुफिया इनपुट पर प्रतिक्रिया और आतंकी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई के मानक तैयार किया जाएं।
5. सैन्य ठिकानों की कई स्तरों पर घेराबंदी हो और बाहरी घेरे केलिए विशेष दस्ता तैयार किए जाएं।
6. सैन्य ठिकनों की औचक ऑडिट की जाए और कमियों के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।