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हुर्रियत चीफ ने पोती का स्कूल छोड़ बाकी सभी बंद कराए

टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Oct 2016 11:39 PM IST
फाइल फोटोः सैयद अली शाह गिलानी
फाइल फोटोः सैयद अली शाह ग‌िलानी - फोटो : PTI
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जुलाई महीने में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से पूरे कश्मीर में हुर्रियत ने बंद का ऐलान कर रखा है। इस बीच दिल्ली पब्लिक स्कूल ने जम्मू-कश्मीर सरकार और सेना की मदद से हाई सिक्योरिटी जोन वाले इनडोर स्टेडियम में 573 छात्रों की परीक्षा ली है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 1 से 5 अक्टूबर के बीच सिविल लाइंस इलाके में हुई कक्षा 9 और 10 की इंटरनल परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स में अलगाववादी नेता और हुर्रियत चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी की पोती भी शामिल हुई। गिलानी के बड़े बेटे डॉ. नईम जफर गिलानी की बेटी दिल्ली पब्लिक स्कूल में 10वीं क्लास की स्टूडेंट है। 

8 जुलाई को आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सरकारी और प्राइवेट स्कूल लगातार 111 दिन तक बंद रहे हैं। हुर्रियत ने इन स्कूलों को अपने प्रोटेस्ट कैंलेडर से छूट देने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही घाटी में सरकारी कर्फ्यू को दो महीने हो गए हैं। 


हाल ही में शटडाउन को खत्म करने और स्कूलों को खुलवाने के लिए राज्य सरकार ने सभी कक्षाओं की परीक्षाओं को समय से कराने की घोषणा की थी। हालांकि छात्रों और अभिभावकों ने राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध जताया और घाटी की स्थिति को देखते हुए इसे बाद में कराने की मांग की। 

पिछले तीन हफ्तों में कश्मीर में सरकारी स्कूलों को अज्ञात लोगों द्वारा आग के हवाले करने की कई घटनाएं हुई हैं। इस तरह की ताजा घटना गुरुवार को बारामुला में हुई। हालांकि हुर्रियत ने इस घटना की निंदा की, लेकिन स्कूलों को खुलने की इजाजत नहीं दी। 
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गिलानी से अलग रहते हैं उनके बेटे नईम

फाइल फोटोः डीपीएस श्रीनगर कैंपस - फोटो : Social Media
गिलानी के सबसे बड़े बेटे नईम अपने पिता की किसी पार्टी के सदस्य नहीं है और उनसे अलग श्रीनगर में रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बेटी पेपर नहीं देती, तो उसकी पढ़ाई खराब होती और उसे मार्च में होने वाले फाइनल एग्जाम में बैठने नहीं दिया जाता। 

नईम ने यह भी कहा कि स्कूल ने पेपर उस वक्त में करवाए थे जब अलगाववादियों ने विरोध प्रदर्शन को कुछ देर के लिए रोक दिया था। वहीं डीपीएस के वाइस चेयरमैन विजय धार जो कि डीपी धार के बेटे हैं, उन्होंने बताया कि गिलानी की पोती उनके स्कूल में पढ़ती तो है लेकिन उसने पेपर दिए या नहीं, इस बात की जानकारी उन्हें नहीं है। डीपी धार नेहरू-गांधी परिवार के काफी करीबी माने जाते थे। 

हालांकि डीपीएस इकलौता ऐस स्कूल नहीं था, जिसने कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शन को दरकिनार किया। हाल ही में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने भी एग्जाम करवाए थे। इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने भी पेपर देने के लिए स्टूडेंट्स को बुलाया था। 
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