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Delhi Rain: बारिश पर भारी पड़ रही पेट की भूख, भीगते हुए कोई बेच रहा सेब, कोई तिरंगा झंडा

Thu, 14 Aug 2025 03:22 PM IST
बशु जैन डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारी बारिश में पेट की भूख लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर करती रही। भारी बारिश के बीच भी सड़कों पर कोई तिरंगा झंडा बेचकर अपनी आजीविका चलाने की कोशिश करता दिखा तो कोई सेब बेचकर शाम के भोजन का जुगाड़ करता नजर आया। 
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सड़क पर सेब बेचते आजम खान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुवार की भारी बारिश ने दिल्ली को तरबतर कर दिया है। कहीं ट्रैफिक जाम तो कहीं जलजमाव की खबरें सामने आ रही हैं। लेकिन इस भारी बारिश में भी पेट की भूख लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर कर रही है। भारी बारिश के बीच भी सड़कों पर कोई तिरंगा झंडा बेचकर अपनी आजीविका चलाने की कोशिश कर रहा है तो कोई सेब बेचकर शाम के भोजन का जुगाड़ कर रहा है। 
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भारत मंडपम से कुछ दूर जाने पर अपनी घोड़ा गाड़ी के साथ खड़े आजम खान सेब बेच रहे हैं। वे सीलमपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि वे प्रतिदिन अपने घर से सुबह चार बजे ही मंडी चले जाते हैं। वहां से ताजे फल खरीदकर सड़कों पर अपनी घोड़ा गाड़ी लगाकर उसी पर सेब बेचते हैं। वे अपने परिवार में कमाने वाले अकेले हैं और किसी का सहारा नहीं है। ऐसे में बारिश हो या तेज धूप, ठंड का मौसम हो या तेज लू की गर्मी, वे चाहकर भी अपने घर पर नहीं रुक पाते हैं। उन्हें बाहर निकलकर पेट पालने के लिए कुछ न कुछ करना ही पड़ता है। 
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तिरंगा बेचते रतन लाल। - फोटो : अमर उजाला
नोएडा फ्लाईओवर के नीचे तिरंगे बना रहे रतन लाल (50 वर्ष) ने बताया कि वे कौन सा काम करते हैं, यह समय तय करता है। वे कभी फल बेच लेते हैं तो कभी फूल-माला। कभी पतंगें बेचते हैं तो कभी अन्य सामान। चूंकि, इस समय स्वतंत्रता दिवस का समय है, इसलिए वे तिरंगा झंडा बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके इस काम में उनका परिवार हाथ बंटाता है। 

बारिश का मौसम है तो लोग भीगने से बचने के लिए रेन कोट खरीदते हैं। शायद यही कारण है कि सुमन कुमार सड़कों पर रेनकोट बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के समय रेनकोट बेचने से हर रेनकोट पर उन्हें करीब 20 रुपये बच जाते हैं। इससे उनके परिवार का गुजारा चल जाता है। जब बारिश का समय बीत जाएगा, वे ठंड में पहनने वाले कपड़े बेचने लगते हैं। 

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