Maratha Youth Died Of Heart Attack: इस घटना के बाद से विजयकुमार चंद्रकांत घोगरे के गांव टाकलगांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि विजयकुमार समाजसेवी स्वभाव के थे और गांव-समाज के लिए हमेशा आगे रहते थे। उनकी मौत से गांव और आंदोलन दोनों को बड़ी क्षति हुई है।
मराठा आरक्षण आंदोलन में हिस्सा लेने गए एक युवक की अचानक मौत से लातूर जिले में गम और गुस्से का माहौल है। रविवार को सैकड़ों लोग दिवंगत युवक विजयकुमार चंद्रकांत घोगरे को श्रद्धांजलि देने के लिए जुटे। उनका शव मुंबई से उनके पैतृक गांव टाकलगांव लाया जा रहा था।
आंदोलन में शामिल होने गया था मुंबई
घोगरे अपने गांव टाकलगांव से करीब 40 साथियों के साथ मुंबई गए थे। वे आज़ाद मैदान में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। आंदोलन के बीच शनिवार को जब वे मुंबई के पायधोनी इलाके में घूम रहे थे, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। साथी उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई।
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अहमदपुर में रुका शव वाहन
जब उनका पार्थिव शरीर गांव की ओर ले जाया जा रहा था, तब अहमदपुर में बड़ी संख्या में मराठा समाज के लोग इकट्ठा हो गए। शव वाहन को रोककर लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वहां गहरा सन्नाटा और भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
लोगों ने की सरकार से मांग
मौजूद भीड़ ने सरकार से इस मौत को गंभीरता से लेने की अपील की। लोगों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत नुकसान नहीं है, बल्कि मराठा समाज की पीड़ा का प्रतीक है। भीड़ ने आरक्षण से जुड़ा मुद्दा जल्द सुलझाने की मांग की और मृतक के परिवार की मदद करने की बात उठाई।
प्रशासन ने दिया आर्थिक सहायता का आश्वासन
अहमदपुर की तहसीलदार उज्ज्वला पंगरकर मौके पर पहुंचीं और शोकसंतप्त लोगों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की अनुशंसा भी की जाएगी।