महाराष्ट्र के चंद्रपुर पुलिस को मानव तस्करी के चंगुल से एक पीड़िता को बाहर निकालने में 10 साल लग गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 10 साल पहले महिला को हरियाणा के एक व्यक्ति को बेच दिया गया था।
रामनगर पुलिस थाने के उप-निरीक्षक चंदा दंडवते ने कहा कि पीड़िता को 11 साल की उम्र में दो महिलाओं ने अपहरण कर हरियाणा के एक व्यक्ति को बेच दिया था। पुलिस ने 2010 में पीड़िता का अपहरण करने के आरोप में दो महिलाओं को 2010 में ही गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में पीड़िता को सात बार बेचा गया, इस दौरान पीड़िता का यौन शोषण किया गया। जिसके बाद पीड़िता ने दो बच्चों को भी जन्म दिया।
अधिकारी ने कहा कि पीड़िता, जो उस समय 11 साल की थी, महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर के बंगाली कैंप इलाके में एक मंदिर के पास खेल रही थी जब उसे जान्हवी रॉय और सावित्री मजूमदार नाम की दो महिला ने नशीली दवा देकर अपहरण कर लिया था। इसके बाद उसे पहले हरियाणा के पानीपत ले जाया गया, जहां उसे एक आदमी को बेच दिया गया, जिसने उसे एक फार्म हाउस में कैद कर कर रखा और कई बार उसका यौन शोषण किया।
महिला को आखिरी बार हरियाणा के फतेहाबाद में धर्मवीर नाम के एक व्यक्ति को बेचा गया था, जिसने उसे किराए के कमरे में रखा था। इसी दौरान मकान मालिक को उसके बारे में कुछ संदेह हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उसे बचाया गया।