2014 की तुलना में उत्तर-पूर्वी राज्यों में मानव तस्करी के मामले 250 फीसदी बढ़ गए। इनमें सबसे अधिक मामले आसाम (असोम) के हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 2015 में दर्ज मानव तस्करी के 1539 मामलों में से अकेले 1594 आसाम, 20 मेघालय, 80 त्रिपुरा, छह नागालैंड और तीन अरुणाचल प्रदेश में दर्ज हुए।
उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों में 2014 में मानव तस्करी के 435 मामले और 2013 में 186 मामले दर्ज हुए थे। 2014 में आसाम में 93.5 फीसदी यानी 407 मामले दर्ज हुए थे। मानव तस्करी के कुल 435 मामले में 17 मेघालय, 4 नागालैंड. दो अरुणाचल प्रदेश और 3 मामले मणिपुर में दर्ज हुए थे।
इसी तरह 2013 में भी मानव तस्करी के मामले में उत्तर-पूर्व में आसाम टॉप पर था। यहां कुल 186 मामलों में से 149 मामले आसाम में ही दर्ज हुए थे। हालांकि, पुलिस भी इसके लिए जवाबदेह है, लेकिन मानव तस्करी को रोकना राज्य सरकार का जिम्मा है।