देश में कहर बरपा रही कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि ऑक्सीजन के साथ साथ जरूरी दवाओं और उपकरणों की सभी तक पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।
आयोग की एडवाइजरी में कहा गया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा सभी के लिए मुफ्त होनी चाहिए। अगर कहीं सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र में बेड उपलब्ध न हो तो स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि वह पीड़ित को दूसरी जगह बेड की व्यवस्था करके दे।
मानवाधिकार आयोग ने अपनी एडवाइजरी में एक हेल्प डेस्क बनाने की बात कही है, जो सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में समान रूप से कार्य करेगा। इस सहायता केंद्र के जरिये पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ आयोग में कोरोना के उपचार के लिए जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन सिलिंडर, एंबुलेंस सेवा आदि के लिए एक शिविर लगाने की भी बात कही है। आयोग ने कहा है कि इसकी व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकार अपने हिसाब से करें।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी एडवाइजरी में राज्य और केंद्र सरकारों को कोरोना काल में हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए भी निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि कोरोना से जान गंवाने वाले व्यक्तियों का बेहतर तरीके से अंतिम संस्कार किया जाए और विद्युत शवदाह गृह के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए।