राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ट्रांसजेंडर की दशा पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने मानवाधिकार कार्यकर्ता राधाकांत त्रिपाठी की याचिका पर यह आदेश जारी किया है। वकील ने कोरोना काल में ट्रांसजेंडर से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने कहा कि इनके लिए नाचना-गाना या छोटा-मोटा कारोबार करना असंभव हो गया है। उनके जीवन यापन का साधना पूरी तरह से बंद हो गया है और राज्यों ने उनके जीवन-यापन के लिए कुछ नहीं किया।