सीएए और एनआरसी के खिलाफ मानव श्रृंखला
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71 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोलकाता में श्यामबाजार से गोलपार्क तक लगभग 15 जंक्शनों पर जमा होकर लोगों ने रविवार को दोपहर में 10 मिनट के लिए 11 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई। इस मानव श्रृंखला में विभिन्न समुदायों के हजारों लोग शामिल हुए। मानव श्रृंखला नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में बनाई गई।
यूनाइटेड इंटरफेथ फाउंडेशन इंडिया (यूआईएफआई) द्वारा आयोजित इस श्रृंखला में राज्य के विभिन्न धार्मिक समुदायों के नेता शामिल थे। शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोग इस में शामिल हुए। यूआईएफआई के महासचिव सतनाम आहलूवालिया ने बताया कि लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज लेकर संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और जन गण मन, सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा और जय हिंद के नारे लगाए। उन्होंने संविधान के सिद्धांतों की रक्षा करने का संकल्प लिया तथा जाति, पंथ, समुदाय के आधार पर धर्मनिरपेक्षता, समानता, गैर-भेदभाव का आह्वान किया।
प्रतिभागियों में एक बड़ा हिस्सा युवाओं और महिलाओं का था जबकि कई राहगीरों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर, शहर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के वामपंथी छात्रों ने नखोदा मस्जिद से रवींद्रनाथ टैगोर के जन्म स्थान जोरासांको तक रैली निकाली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे देश को फिर से विभाजित नहीं होने देंगे।
वामपंथी संगठनों ने संविधान को बचाने के लिए और सीएए तथा प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ शहर के उत्तरी हिस्सों में विरोध प्रदर्शन करते हुए रैलियां निकाली।