ट्रंप ने मोदी की रैली को बताया ऐतिहासिक
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को ऐतिहासिक बताया। हाउडी मोदी किसी विदेशी नेता का अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा कार्यक्रम था। 90 मिनट के कार्यक्रम में 400 परफॉर्मर्स थे। जब मोदी ने ट्रंप को गले लगाया तो पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। इस रैली से दोनों देशों को अपने-अपने देशों में बड़ा लाभ मिलेगा। (बीबीसी)
हजारों भारतीय अमेरिकियों ने मोदी-ट्रंप की रैली में की शिरकत
तेजी से बजते संगीत के बीच प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप हाथों में हाथ डाले एनआरजी स्टेडियम में एकसाथ आए। उसी समय पूरी दुनिया को यह संदेश चला गया कि यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र की दोस्ती है। इस दौरान कोई ट्रेड वॉर नजर नहीं आई। लगभग 50 हजार भारतीय अमेरिकियों ने रैली में हिस्सा लिया। जैसे ही मंच से मोदी ने ट्रंप को अपना दोस्त, भारत का दोस्त और महान अमेरिकी राष्ट्रपति बताया भीड़ ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। (द गार्जियन)
ट्रंप के लिए भारतीय अमेरिकी समुदाय से वोट पाना होगा मुश्किल
यह रैली एक तरह से मोदी-ट्रंप को साथ लाई है। दोनों ही दक्षिण पंथी लोकवाद को गले लगाकर सत्ता में आए हैं और दोनों ने खुद को स्थापित सत्ता के खिलाफ लड़ रहे लोगों का चैंपियन दिखाया। दोनों ही मतदाताओं के बीच इस दृष्टिकोण के साथ गए कि वह अपने देश को ‘दोबारा महान’ बनाएंगे। भले ही मोदी ट्रंप के साथ हों लेकिन ट्रंप के लिए भारतीय अमेरिकी समुदाय का वोट पाना आसान नहीं होगा क्योंकि भारतीय अमेरिकी जनता डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के लिए मतदान करते हैँ। (न्यूयॉर्क टाइम्स)