समय 11.10 बजे। केंद्रीय सचिवालय के शास्त्रीभवन में एक सचिव स्तर के अधिकारी की टीवी स्क्रीन पर राहुल गांधी। दस मिनट देखने के बाद अधिकारी की पहली प्रतिक्रिया, जो दाग कांग्रेस के नेता लगा रहे हैं, धुलेंगे कैसे? उनका मानना है कि राहुल गांधी जो मुद्दा उठा रहे हैं, वह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा कर रहा है। ये लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है।
कानून मंत्रालय की एक पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी कहती हैं कि राहुल गांधी ने मुद्दा गंभीर छेड़ा है, लेकिन वह गंभीरता से नहीं लेते। उनका कहना है कि यह बात इतनी छोटी नहीं है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। जनता को संविधान ने वोट का मूलभूत अधिकार दिया है। राहुल गांधी ने यहां चुनाव आयोग को मिली सांविधानिक शक्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उच्चतम न्यायालय में यह मामला अभी चल रहा है और मुझे लग रहा है कि चुनाव आयोग पर लग रहा यह दाग आसानी से नहीं छूटेगा। कानून मंत्रालय की एक और पूर्व अधिकारी मुकुलिता विजयावर्गीज कहती हैं कि हमने पिछले चुनाव में वोट दिया था। इस बार न तो हमारा वोटर लिस्ट में नाम था और न हमारे परिचितों का। कुछ तो गड़बड़ होगी, तभी ऐसा बड़े पैमाने पर हो रहा है।
क्या यही है राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम?
कांग्रेस के नेता एस वी रमणी कहते हैं कि इंतजार कीजिए। अभी तो यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मार्गदर्शन में गड़बड़ी की झांकी चल रही है। एसवी रमणी कहते हैं कि जल्द ही उनके नेता पिक्चर का अगला एपीसोड दिखाएंगे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के बनारस से नेता संजय सिंह को भरोसा है कि जल्द ही लोकसभा में नेता विपक्ष राजनीतिक ‘हाइड्रोजन’ बम गिराएंगे। एनसीपी की सुप्रिया सुले ने भी इसे गंभीर मामला बताया। उन्होंने जांच की मांग की। हालांकि राहुल गांधी की आज की प्रेसवार्ता को भाजपा के प्रवक्ता अनुराग ठाकुर ने फुलझड़ी बताया। अनुराग ठाकुर ने कहा राहुल गांधी आरोप लगाकर भाग जाते हैं। यह उनकी आदत बन गई है।
चुनाव आयोग मजबूती से नहीं कर पा रहा है राहुल के आरोप का सामना
मुकुलिता विजयावर्गीज ने केन्द्र सरकार के तमाम बिलों पर काम किया है। कानून मंत्रालय की वरिष्ठ अफसर रही हैं। मुकुलिता का कहना है कि राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं, तथ्य चुनाव आयोग और देश के सामने रख रहे हैं तो आयोग को तथ्यों के साथ मजबूती से जवाब देना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार रंजीत कुमार कहते हैं कि यह मुद्दा बिहार में गूंज रहा है।
रंजीत कुमार बिहार से आते हैं। रंजीत का कहना है कि चुनाव आयोग के पास संवैधानिक शक्ति है। लोकतंत्र में चुनाव सबसे अहम है। उसकी निष्पक्षता आवश्यक है। ऐसा नहीं है कि इसको लेकर पहली बार आरोप लगे हैं, लेकिन इस बार जिस तरह से चुनाव आयोग प्रेसवार्ता कर रहा है और सवाल के जवाब दे रहा है। वह हास्यास्पद लग रहा है। केन्द्र सरकार में 2023 में सचिव पद से रिटायर हुए एक और अफसर का कहना है कि तीन पूर्व चुनाव आयुक्तों ने पहले ही सवाल उठा दिया है। इसलिए कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संवैधानिक संस्था की साख पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
चुनाव आयोग की नजर में राहुल गांधी के आरोप बेबुनियाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राहुल गांधी के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वोट कभी ऑनलाइन डिलीट नहीं हो सकता। ज्ञानेश कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद और गलत बताया। भाजपा के नेता, पूर्व केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद कहते हैं कि राहुल गांधी बस संविधान संविधान चिल्लाते हैं। राहुल गांधी के कुछ मूल्य होने चाहिए। उन्हें इस तरह से देश के मतदाताओं का अपमान नहीं करना चाहिए।