हालही में कर्नाटक में हुए उपचुनाव में कांग्रेस और जनता दल (एस) गठबंधन की जीत हुई है। अब इस जीत को आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वाकई लोकसभा चुनाव में गठबंधन भाजपा को बड़ा झटका दे सकता है।
हालांकि उपचुनावों में ऐसे नतीजे भाजपा के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इससे पहले भी भाजपा को ज्यादातर उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर भी ऐसे ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। ये राज्य में 2019 की रणनीति तय करेंगे।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि यह कहना बिलकुल गलत होगा कि कर्नाटक में आए उपचुनाव के नतीजों का 2019 लोकसभा के चुनावों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह नतीजे विधानसभा चुनाव के नतीजों की निरंतरता है। उन्होंने कहा कि जहां हम बेल्लारी की आठ विधानसभा सीटों में से छह में हार गए थे। वहीं मंड्या और जमखंडी में भी हम बड़ी ताकत बनकर नहीं उभरे, जबकि हमें उम्मीद थी शिवमोग्गा सीट को हमने जीता है।