भारत में वोट डालने का अधिकार आपको तभी मिलता है जब आपने निर्वाचन आयोग में अपना नाम दर्ज कराया हो और आपके पास वोटर आईडी कार्ड हो। लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती है कि आप दो जगहों पर अपना नाम दर्ज करा देते हैं। ऐसा गलती से भी हो गया है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि यह गैरकानूनी है।
निर्वाचन आयोग समय-समय पर इस बात का निरीक्षण करता रहता है कि वो कौन-कौन से व्यक्ति हैं जिनके नाम दो जगहों की मतदाता सूची में शामिल है। इस दौरान सिर्फ आपका नाम ही नहीं देखा जाता है, आपके नाम के साथ पिता का नाम, उम्र और चेहरे का भी मिलान किया जाता है। निर्वाचन आयोग को जब इस बात की सूचना मिलती है कि यह एक ही व्यक्ति है जिसका नाम दो चुनावी क्षेत्रों में दर्ज है तो वह इसे जिला स्तर पर सत्यापित करने के लिए भेजता है।
सत्यापन के बाद जब यह साबित हो जाता है कि संबंधित व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से किस जगह रहता है। उसके बाद आपको नोटिस भेजा जाता है कि आप एक जगह से अपना नाम हटा दें और आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाती है।
इस प्रकार की समस्या का सामना नौकरीपेशा लोग सबसे ज्यादा करते हैं। अगर आपका नाम दो जगहों की मतदाता सूची में है और आप इसकी सूचना समय से निर्वाचन आयोग को नहीं देते हैं तो इसे एक तरह का धोखा ही माना जाता है।
वोटर आईडी कार्ड रद्द कराने की प्रक्रिया
- यदि आप मतदाता सूची से अपना नाम रद्द करना चाहते हैं, तो आपको वोटर आईडी फॉर्म 7 भरकर जमा करना होता है।
- इस फॉर्म को आप ऑनलाइन भी प्राप्त कर सकते हैं साथ ही अपने नजदीकी निर्वाचन कार्यालय जाकर प्रत्यक्ष रूप से ले सकते हैं।
- यह फॉर्म आप संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी के नाम संबोधित करते हुए भरते हैं।
- इस फॉर्म में आपको नाम रद्द कराने के संबंध में आधारभूत जानकारी देनी होती है।
- फॉर्म में आपको नाम, उपनाम, भाग संख्या, सीरियल नंबर और ईपीआईसी संख्या लिखनी होती है।
- इस फॉर्म को व्यक्ति की मृत्यु के अलावा अन्य कारणों के लिए भी भरा जाता है इसलिए आपको फॉर्म में कारण के बारे सही जानकारी देनी होती है।
- यह जानकारी देने के बाद आपको इस फॉर्म को सत्यापित करना होता है, इस प्रक्रिया में आपके हस्ताक्षर लिए जाते हैं।
- इसके बाद आप इस फॉर्म को संबंधित अधिकारी के पास जमा करना होता हैं। इसके साथ ही आप डाक द्वारा भी इसे संबंधित अधिकारी को भेज सकते हैं।