कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। वर्तमान पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को फैसला लेना है कि वह आगे भी पार्टी की कमान संभालेंगी या किसी और को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त करेंगी। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि कांग्रेस में कैसे पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव होता है और उसकी प्रक्रिया क्या है।
कांग्रेस पार्टी के संविधान में अपने अध्यक्ष के चुनाव की विस्तृत प्रक्रिया दी गई है। पार्टी की शीर्ष इकाई यानी कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) जब अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख तय करती है, तब पार्टी के कोई भी दस प्रतिनिधि संयुक्त रूप से अध्यक्ष पद के लिए किसी भी प्रतिनिधि के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।
पार्टी के संविधान के अनुच्छेद 12 के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी सदस्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि होंगे। आम चुनावों की तरह, कांग्रेस में भी नामांकन भरने के बाद उसे वापस लेने के लिए सात दिनों की मोहलत दी जाती है।
यदि केवल एक ही उम्मीदवार होता है तो उसे अगले कांग्रेस पूर्ण सत्र का अध्यक्ष घोषित किया जाता है। कांग्रेस पूर्ण सत्र से एक नया पार्टी अध्यक्ष कार्यभार ग्रहण करता है। कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल पांच सालों का होता है।
यदि अध्यक्ष पद के लिए कई उम्मीदवार होते हैं, तो विजेता को कम से कम 50 फीसदी वोट हासिल करना होता है। सीडब्ल्यूसी के पास अस्थाई अध्यक्ष चुनने की भी शक्तियां हैं।