नि:शुल्क प्रवेश वाले इस सामुदायिक कार्यक्रम की सभी सीटें महीने भर पहले ही पंजीकृत हो गई हैं। साथ ही टीवी और इंटरनेट पर भी इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भारत और अमेरिका में करीब एक अरब लोगों द्वारा देखे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को सुनने के लिए अमेरिका में जुटने वाली सबसे बड़ी दर्शक संख्या होगी। यह भी दावा किया जा रहा है कि पोप फ्रांसिस को छोड़कर अन्य किसी विदेशी नेता को सुनने के लिए आज तक अमेरिका में इतनी भीड़ एकत्र नहीं हुई है। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए 1000 से ज्यादा वालंटियरों और 650 से ज्यादा संगठनों ने वेलकम पार्टनर के तौर पर योगदान दिया है।
बता दें कि ‘हाउडी’ दक्षिण पश्चिम अमेरिका में सामान्य तौर पर उपयोग किया जाने वाला मित्रतापूर्ण संबोधन है, जिसका अर्थ होता है ‘हाउ डू यू डू? यानी आप कैसे हैं?’
प्रधानमंत्री मोदी को न्यूयॉर्क में 27 सितंबर को आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी शामिल होना है। इससे पहले वह ह्यूस्टन में अग्रणी उद्योगपतियों, राजनेताओं और सामुदायिक नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह ‘हाउडी मोदी’ सम्मेलन में हिस्सेदारी करेंगे, जिसकी टैगलाइन ‘शेयर्ड ड्रीम्स, ब्राइट फ्यूचर्स’ रखी गई है।
इस कार्यक्रम के आयोजन के जरिए अमेरिका की तरक्की और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में दिए गए भारतीय मूल के निवासियों के योगदान को हाईलाइट करना है। मोदी का ह्यूस्टन दौरा इस लिहाज से भी खास है कि इस शहर को दुनिया की एनर्जी कैपिटल कहा जाता है और ऊर्जा सुरक्षा प्रधानमंत्री के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है।