राष्ट्रपति चुनाव की तरह उपराष्ट्रपति चुनाव में भी भाजपा को विपक्षी बिखराव का लाभ मिलता दिख रहा है। राष्ट्रपति चुनाव में राजग के इतर समर्थन देने वाले विपक्षी दलों में जदयू को छोड़ कर अन्य सभी दलों ने भाजपा को उपराष्ट्रपति चुनाव में भी साथ देने का भरोसा दिया है।
भाजपा का आकलन है कि इस चुनाव में 776 मतों में से 550 मत उसे मिल जाएंगे। पार्टी को उम्मीद है कि उम्मीदवार घोषित होने के बाद राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस के साथ खड़े अन्य 16 दलों में सेंध लगाई जा सकती है। उपराष्ट्रपति चुनाव पर अभी भाजपा की नीतीश से बात नहीं हुई है।
वरिष्ठ वरिष्ठ रणनीतिकार और महासचिव ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव के सिलसिले में राजग के इतर बीजेडी, टीआरएस, अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों, वाईएसआर कांग्रेस, टीआरएस सहित अन्य छोटे दलों से बातचीत हुई है। सभी दलों का रुख राष्ट्रपति चुनाव की तरह ही सकारात्मक है।
उम्मीदवार घोषित करने के बाद पार्टी की योजना जदयू से संपर्क साधने की है। हालांकि पार्टी का मानना है कि अगर इस चुनाव में जदयू का साथ नहीं भी मिला तो राजग उम्मीदवार को 550 वोट मिल जाएंगे।
अप्रैल में बदल जाएगी राज्यसभा की तस्वीर
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वर्तमान में राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी अगले साल अप्रैल तक दूसरे नंबर पर आ जाएगी। इस दौरान उच्च सदन में भाजपा के सदस्यों की संख्या वर्तमान 55 से कम से कम 75 तक पहुंच जाएगी, जबकि कांग्रेस की संख्या 40 तक आ जाएगी।
अमर का समर्थन, मुलायम पर निगाहें
भाजपा के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी को अब तक अमर सिंह सहित 7 सांसदों ने समर्थन देने पर हामी भरी है। पार्टी की निगाहें सपा के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव पर है। सूत्रों के मुताबिक पहले ही कांग्रेस के साथ न जाने की घोषणा करने वाले मुलायम का रुख सकारात्मक है।
जिन निर्दलीय सांसदों ने समर्थन की घोषणा की है, उनमें आर चंद्रशेखर, परिमल नथवाणी, सुभाष चंद्रा, सदानंद कांकड़े, अमर सिंह और एक अन्य सांसद शामिल हैं। पार्टी का दावा है कि त्रिपुरा के टीएमसी के विधायक सहित बिहार, उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य दलों के कई सांसद और विधायक राजग उम्मीदवार के पक्ष में वोट करेंगे।