भारतीय सेना की 'सर्जिकल स्ट्राइक' को भारतीय मीडिया में प्रमुखता से कवरेज मिली है और सेना व सरकार के साहस की तारीफ हो रही है। लेकिन पाकिस्तानी मीडिया में इस पर कैसी प्रतिक्रिया है और इसे कैसे कवर किया गया है? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए हमने पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी अखबारों के पहले पेज की कवरेज का विश्लेषण किया है। आप भी देखिए भारतीय सेना के ऑपरेशन पर क्या छपा है पाकिस्तान के अखबारों में...
अंग्रेजी अखबार 'द पैट्रियट' ने अपनी लीड खबर में लिखा है कि भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे को पाकिस्तानी सेना ने खारिज किया है। इसके साथ ही सीमापार से हुई गोलीबारी में दो पाकिस्तानी सैनिकों के मरने के मरने की खबर भी छापी है। अखबार की एक अन्य खबर कहती है कि पाकिस्तानी सेना के साथ गोलीबारी में 14 भारतीय सैनिक मारे गए हैं। यानी साफ है कि भारत की सर्जिकल स्ट्राइक को पाकिस्तान 'झूठ' साबित करने की कोशिश कर रहा है।
कराची से प्रकाशित 'द न्यूज' ने यह लिखा
पाकिस्तानी मीडिया
कराची से प्रकाशित 'द न्यूज' ने अपनी प्रमुख खबर में लिखा है कि भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच सीमा के आरपार हुई गोलीबारी में दो पाकिस्तानी जवान शहीद हुए हैं और भारत के भी 8 जवान मारे गए हैं। भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को पाकिस्तान ने 'भ्रम फैलाने वाला' बताया है। इसे ही अखबार ने अपनी लीड खबर का शीर्षक बनाया है। इसके अलावा एलओसी पर मारे गए पाकिस्तानी जवानों के बिलखते परिजनों की तस्वीर भी छापी है।
क्या कहता है 'पाकिस्तान अब्जर्वर'
पाकिस्तानी मीडिया
पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार 'पाकिस्तान अब्जर्वर' ने भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे के बजाय अलग ही खबर को प्राथमिकता दी है। इस्लामाबाद से प्रकाशित अखबार की लीड खबर का शीर्षक कहता है, 'पाकिस्तान ने एक भारतीय सैनिक को बंधक बनाया, एलओसी पर 8 भारतीय सैनिक भी मारे' अखबार ने एलओसी पर फायरिंग में मारे गए दो पाकिस्तानी जवानों की तस्वीर भी प्रकाशित की है। भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को पाकिस्तान ने खारिज किया, यह भी खबर पहले पेज पर ली है।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की यह है लीड खबर
पाकिस्तानी मीडिया
कराची से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने लीड खबर में भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे को मजाक बताया है। अखबार ने विशेषज्ञों के हवाले से एक अन्य खबर में लिखा है कि सामरिक मामलों के विशेषज्ञ भी भारत के दावे पर हंस रहे हैं। इसके अलावा एलओसी पर भारतीय सेना की गोलीबारी में दो पाकिस्तानी जवानों के मरने की खबर भी प्रकाशित की है। अखबार ने पहले पेज पर मरने वालों जवानों के शवों को ले जा रहे सैनिकों की तस्वीर प्रकाशित की है।
'डॉन' ने उठाया अहम सवाल
पाकिस्तानी मीडिया
प्रमुख पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' ने सवाल उठाया है, 'क्या वह सर्जिकल स्ट्राइक थी?' मोहम्मद अली जिन्ना को संस्थापक मानने वाले इस अखबार का कहना है कि भारत ऐसा दावा कर रहा है और पाकिस्तान इसे खारिज कर रहा है, ऐसे माहौल में दो पाकिस्तानी जवानों की मौत भी हुई है लेकिन असलियत क्या है, इसे लेकर दोनों देशों के लोगों में भ्रम है। अखबार ने सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी ने बयान को भी प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी नहीं दी है।